नित्य संदेश ब्यूरो
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज (पुरानिया) इलाके में 22 जून 2026 की दोपहर को एक तीन मंजिला कमर्शियल इमारत में भीषण आग लगने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें अधिकांश कोचिंग के छात्र-छात्राएं हैं।
यह दर्दनाक हादसा ऊषा मेहता मार्ग पर स्थित एक ऐसी बिल्डिंग में हुआ जहां बेसमेंट में पेट शॉप (पालतू जानवरों की दुकान) और ऊपर की मंजिलों पर एक कोचिंग सेंटर, एनिमेशन स्टूडियो और गेम जोन संचालित हो रहा था। दोपहर करीब 2:30 बजे बेसमेंट में स्थित पेट शॉप के एयर कंडीशनर (AC) में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़की, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इमारत में मौजूद लकड़ी के भारी फर्नीचर, इंटीरियर और अन्य ज्वलनशील सामग्रियों के कारण दम घोंटने वाला जहरीला धुआं और लपटें तेजी से ऊपर की मंजिलों की तरफ फैलीं, जिससे वहां पढ़ रहे लगभग 35 छात्रों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला।
आग लगते ही पूरी इमारत में चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई; जान बचाने के लिए कुछ छात्रों ने पहली मंजिल से नीचे छलांग लगा दी जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कुछ बच्चों ने खुद को वॉशरूम में बंद कर लिया लेकिन दम घुटने के कारण वे काल के गाल में समा गए। सूचना मिलते ही स्थानीय निवासियों और फायर ब्रिगेड की 19 गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर कटर से खिड़कियों के कांच और दीवारें तोड़कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद लोगों को बाहर निकाला। हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने अन्य सभी कार्यक्रम रद्द कर तुरंत लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) अस्पताल पहुंचकर घायलों और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।


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