अनम शेरवानी
नित्य संदेश, मेरठ। खैर नगर स्थित वक्फ अलल औलाद श्रेणी की संपत्ति वक्फ अज़ीजी (पंजीकरण संख्या 87-A) की अत्यंत जर्जर एवं खतरनाक स्थिति को लेकर आसपास के व्यापारियों, स्थानीय निवासियों एवं राहगीरों में गहरी चिंता व्याप्त है। क्षेत्रवासियों ने जनहित और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन एवं मेरठ विकास प्राधिकरण से भवन को तत्काल प्रभाव से असुरक्षित घोषित कर सील करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार वर्ष 1912 में निर्मित यह व्यावसायिक भवन लगभग 114 वर्ष पुराना है और वर्तमान में इसकी हालत बेहद खस्ताहाल हो चुकी है। भवन में कई वर्षों से तीन किरायेदार व्यवसाय कर रहे हैं। बरसात के मौसम में छत से लगातार पानी टपकता है,जबकि दीवारों, छज्जों और अन्य संरचनात्मक हिस्सों में गंभीर दरारें एवं क्षति दिखाई दे रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि भवन के सभी हिस्से अधिक जर्जर और खतरनाक स्थिति में है। अंदर कई स्थानों पर प्लास्टर उखड़ चुका है, छतों में गहरी दरारें हैं, पुराने ढांचे कमजोर पड़ चुके हैं तथा कई हिस्सों में सीलन और पानी के रिसाव के कारण संरचना की मजबूती प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार भवन के अंदरूनी भाग की वास्तविक स्थिति सामान्य लोगों की नजर से ओझल है और वह किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
लोगों का यह भी आरोप है कि भवन के अग्रभाग (फ्रंट) पर बड़े-बड़े व्यावसायिक बोर्ड और साइनेज लगा दिए गए हैं, जिनके कारण इमारत की वास्तविक जर्जरता काफी हद तक छिप जाती है। सामने से देखने पर भवन की खतरनाक स्थिति का पूरा अंदाजा नहीं लग पाता, जबकि अंदरूनी हिस्से में स्थिति कहीं अधिक चिंताजनक बताई जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इन बोर्डों को हटाकर भवन का वास्तविक स्वरूप देखा जाए तो उसकी जर्जरता स्पष्ट दिखाई देगी।स्थानीय निवासी वसीम अहमद ने बताया कि यह भवन खैर नगर के अत्यंत व्यस्त एवं संकरे बाजार क्षेत्र में स्थित है, जहां दवा व्यापार और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन रहता है। ऐसे में यदि भवन का कोई हिस्सा गिरता है या पूरी इमारत ध्वस्त होती है, तो बड़ी जनहानि और भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।
क्षेत्रवासियों ने कहा कि हाल ही में देश के विभिन्न शहरों में जर्जर इमारतों के गिरने, बाजारों में आग लगने तथा भवन दुर्घटनाओं की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें अनेक लोगों की जान गई और करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ। ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए प्रशासन को किसी संभावित दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते एहतियाती कार्रवाई करनी चाहिए। आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन की स्थिति को देखते हुए इसे तत्काल खतरनाक घोषित कर सील किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। लोगों ने मांग की है कि भवन में व्यावसायिक गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा सुरक्षा मानकों के अनुरूप आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए और भविष्य में कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों और अधिकारियों की होगी। उन्होंने प्रशासन एवं एमडीए से जनहित और सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।


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