नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। कलेक्टर जनसुनवाई में मंगलवार को एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया। उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक गंभीर रूप से बीमार वृद्धा को परिजन आईसीयू एम्बुलेंस से इंदौर लेकर पहुंचे। परिवार का आरोप है कि उनकी करीब दो करोड़ रुपए कीमत की जमीन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा कर लिया गया है और लंबे समय से शिकायत करने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल सका।
वृद्धा के बेटे फरहान ने बताया कि उनकी मां के नाम इंदौर के गांधीनगर क्षेत्र में दो प्लॉट हैं। ये प्लॉट वर्ष 1969 में तत्कालीन वेस्ट निवारा क्रेडिट सोसायटी द्वारा आवंटित किए गए थे। बाद में संपत्ति का नामांतरण भी मां के नाम हो चुका था और वह वर्षों से इन जमीनों की वैध मालिक हैं।
रिश्तेदारों पर फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप...
परिजनों और उनके वकील अशफाक खान ने आरोप लगाया कि जब परिवार बिजनौर चला गया था, तब संपत्ति की देखरेख की जिम्मेदारी रिश्तेदारों को दी गई थी। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने सोसायटी प्रबंधन से मिलीभगत कर फर्जी आवंटन पत्र और दस्तावेज तैयार कर संपत्ति अपने नाम दर्ज करा ली।
परिवार का कहना है कि उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों के मुताबिक वर्तमान समय में जमीन की कीमत करीब दो करोड़ रुपए है।
अशफाक खान के अनुसार कलेक्टर ने आवेदन लेकर मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
परिजनों का कहना है कि सभी स्तरों पर सुनवाई नहीं होने के बाद अब उन्हें कलेक्टर जनसुनवाई से न्याय की उम्मीद है। फिलहाल परिवार की नजर प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर है।
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| 2 करोड़ की जमीन बचाने एम्बुलेंस से इंदौर पहुंची बुजुर्ग |
उत्तर प्रदेश के बिजनौर से गंभीर बीमार मां को परिजन आईसीयू एम्बुलेंस से इंदौर लेकर पहुंचे। फर्जी दस्तावेज बनाकर दो करोड़ की जमीन पर रिश्तेदारों ने किया कब्जा।


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