Monday, June 22, 2026

कुछ जगह कार्रवाई, तो कुछ जगह अब भी लापरवाही!


नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। लगभग 30 वर्ष पहले आवास विकास की निगरानी में हुए निर्माणों का खामियाजा आज व्यापारी और आम नागरिक भुगत रहे हैं। बड़ा सवाल यह है कि जब ये मकान और दुकानें बन रही थीं, तब संबंधित अधिकारियों ने कार्रवाई क्यों नहीं की? यदि उस समय नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाता, तो आज हजारों परिवारों के सामने यह संकट खड़ा न होता। *। 7 एई ओर 10 जई कर रहे 30 साल पुराने अवैध निर्माणों पर कार्यवाही लेकिन खुद के क्षेत्र में बन रहे
 
अवैध निर्माणों पर लापरवाही क्यों?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवास विकास के करीब 7 एई ओर 10 जई 30 साल पुराने निर्माणों पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही करवा रहे है! लेकिन उनके खुद के क्षेत्र में आज भी अवैध निर्माण चल रहे है! जिनमें कार्यवाही की जगह सेटिंग का खेल चल रहा है! जो बाबू आज पुराने निर्माणकर्ताओं को 4 से 5 दिन का स्वम तोड़ने का समय दे रहा है वो खुद अपने क्षेत्र के अवैध निर्माणों को संरक्षण दे रहा है! जहां व्यापारी सड़कों पर उतर आए हैं, वहीं महिलाएं पिछले दो महीनों से धरने पर बैठी हैं। आवास विकास परिषद को कार्रवाई तो करनी है, लेकिन क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि कार्रवाई में एकरूपता दिखाई नहीं दे रही। 

 सेक्टर-9 में अमित मिरांडा के निर्माण से शुरू हुई ध्वस्तीकरण कार्रवाई फैजल मस्जिद रोड, गुरुद्वारा रोड, आवास विकास चौराहा सेंट्रल मार्केट सेक्टर 13 ओर आज सेक्टर तीन से सेक्टर दो हनुमान मंदिर के सामने तक तो पहुंच गई । आज सेक्टर 9 से शुरू होकर सेक्टर 3 ओर सेक्टर 6 तक ध्वस्तीकरण किया गया! लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर बुलडोजर अंदर तक पहुंचा, जबकि कुछ निर्माणों को छोड़ दिया गया।
 
हिस्ट्रीशीटर , पूर्व पार्षद ओर पुलिस के घर पर कार्यवाही लेकिन राशन एजेंसी और कुछ नेताओं पर सवाल : 
क्षेत्रवासियों का कहना है जब कई छोटे निर्माणों , पुलिस ओर पूर्व पार्षद के घर तक पर कार्यवाही की गई! वही सेक्टर 9 ओर सेक्टर 13 स्थित राशन एजेंसी के अवैध निर्माण को नहीं छुआ गया। ओर सेक्टर 8 में महिला के हाथ जोड़ने के बाद भी उसका निर्माण तोड़ा गया जबकि पड़ोसी जो कि नेता है उसे समय देकर छोड़ा गया! लोगों का कहना है कि यदि नियम सभी के लिए समान हैं, तो फिर कुछ स्थानों को राहत क्यों मिली? यह सवाल लगातार उठ रहा है।

कुछ निर्माणों का मामला भी चर्चा में
सेक्टर-9/10/11 के बन रहे कुछ निर्माण भी लंबे समय से चर्चाओं में रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार इसकी कई बार शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभाई गईं। अब जब ध्वस्तीकरण अभियान चल रहा है, तब भी इस निर्माण पर कार्रवाई न होने से लोगों में असंतोष है।

एक्सियन साहब का कहना था "फोर्स मिलने पर कार्रवाई होगी"
आवास विकास के अधिकारियों का अक्सर यह कहना रहा है कि पर्याप्त पुलिस बल मिलने पर अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लेकिन अब सवाल ये है ! कि जब हाल ही में पर्याप्त फोर्स उपलब्ध है ! और अभियान भी चल रहा था, तब कुछ विवादित निर्माणों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

अगला नंबर किसका?
अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बुलडोजर दोबारा सेक्टर-8/9 /10 पहुंचेगा? क्या सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी लिस्ट के 232/9 ,, 148/8 और राशन एजेंसी जैसे मामलों पर भी कार्रवाई होगी, या फिर कार्रवाई और लापरवाही का यह आरोप आगे भी जारी रहेगा?

धरने पर बैठी महिलाओं का ऐलान : 
आज सेक्टर-2, 3 और 4 में धरने पर बैठी महिलाओं ने एकजुट होकर अपनी नारी शक्ति दिखाई जिसके बाद उस जगह से बुलडोजर को वापस जाना पड़ा! महिलाओं का कहना है कि उन्होंने अपना व्यापार बंद कर दिया है, लेकिन वे अपने घरों को टूटने नहीं देंगी।वे न्यायपूर्ण और समान कार्रवाई की मांग कर रही हैं तथा किसी भी प्रकार के भेदभाव को स्वीकार नहीं करेंगी। उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी बात सुनी नहीं जाती। अपने घरों को टूटने से बचाने के लिय उनका संघर्ष 10 अप्रैल से जारी है ओर आगे भी रहेगा!

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