Breaking

Your Ads Here

Thursday, May 7, 2026

जेल की चहारदीवारी से मंडप तक, ​प्यार के आगे मजहब की दीवारें ढही

​मुस्लिम जेल अधिकारी फिरोजा खातून ने हिंदू रीति-रिवाज से कैदी धर्मेंद्र संग लिए फेरे

 ​

बजरंग दल वालों ने बहन बनाकर किया कन्यादान 


​नित्य संदेश ब्यूरो

मध्यप्रदेश। सतना और छतरपुर के बीच प्रेम और साहस की एक अनोखी दास्तां सामने आई है, जहां एक जेल अधिकारी ने कानून की चहारदीवारी के भीतर उपजे प्रेम को विवाह के बंधन में बदल दिया। 

सतना केंद्रीय जेल में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर कार्यरत फिरोजा खातून की मुलाकात ड्यूटी के दौरान उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी धर्मेंद्र सिंह से हुई थी। वारंट इंचार्ज के रूप में काम करते हुए फिरोजा और वारंट का कार्य देख रहे धर्मेंद्र के बीच पहले दोस्ती हुई और फिर यह रिश्ता गहरे प्रेम में बदल गया। 

धर्म और समाज की बेड़ियों को दरकिनार करते हुए इस जोड़े ने एक-दूसरे का साथ निभाने का फैसला किया और धर्मेंद्र की सजा पूरी होते ही छतरपुर के लवकुशनगर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह रचा लिया।

​यह विवाह न केवल दो व्यक्तियों का मिलन रहा, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द और मानवीय संवेदनाओं की भी एक मिसाल बना। जब फिरोजा खातून के परिजन इस अंतर्धार्मिक विवाह के पक्ष में नहीं थे और शादी में शामिल नहीं हुए, तब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आगे आकर फिरोजा खातून को अपनी बहन बनाकर कन्यादान किया। 

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह की रस्में संपन्न करवाई गई। कानून और व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाली एक अधिकारी द्वारा लिया गया यह साहसी निर्णय अब हर जगह चर्चा का विषय बना हुआ है। यह कहानी संदेश देती है कि मोहब्बत किसी मजहब या सामाजिक सीमाओं की मोहताज नहीं होती, और इंसानियत का स्थान सबसे ऊपर है।


No comments:

Post a Comment

Your Ads Here

Your Ads Here