राज्य शासन ने भी किए दो प्रतिनिधि नामित। सेवानिवृत्त न्यायाधीश सुभाष राव काकड़े और अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल सेठी बोर्ड में शामिल...
नित्य संदेश, इंदौर। डेली कॉलेज सोसायटी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की नई संरचना अब पूरी तरह से स्पष्ट हो गई है। हाल ही में संपन्न चुनाव प्रक्रिया और उसके बाद राज्य शासन द्वारा दो प्रतिनिधियों की नियुक्ति के साथ डेली कॉलेज के नए बोर्ड का गठन पूर्ण हो चुका है। इसे संस्था के प्रशासनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है, जहां अब डेली कॉलेज आने वाले समय में अधिक संरचित, पारदर्शी और संस्थागत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ता दिखाई देगा।
डेली कॉलेज के नए बोर्ड में महाराजा विक्रम सिंह पवार महत्वपूर्ण भूमिका में रहेंगे। पिछले कुछ समय से चल रहे भ्रम की स्थिति के बीच नए बोर्ड के गठन को संस्था की स्थिरता, गरिमा और प्रशासनिक मजबूती के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डेली कॉलेज से जुड़े वरिष्ठ ओल्ड डेलियन्स और अभिभावकों का मानना है कि अब संस्था पुनः शिक्षा, अनुशासन, विद्यार्थियों के समग्र विकास और वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
पुराने दानदाता वर्ग 2(b)(i) के अंतर्गत महाराजा विक्रम सिंह पवार तथा हिज हाइनेस राजा प्रियव्रत सिंह खींची निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। वहीं न्यू डोनर श्रेणी 2(b)(ii) में हरपाल सिंह भाटिया ‘मोनू’ विजयी घोषित हुए, जिसके बाद बोर्ड की संरचना और स्पष्ट हुई।
ओल्ड डेलियन एसोसिएशन की ओर से उपाध्यक्ष नवनीत बागड़ी और मीडिया प्रभारी नीलेश अग्रवाल को बोर्ड में प्रतिनिधित्व दिया गया है। इसके अतिरिक्त ओडीए के “स्पेशल रिकग्निशन” वर्ग से निपुण अग्रवाल को तीसरे प्रतिनिधि सदस्य के रूप में नामित किया गया है। अभिभावक प्रतिनिधियों के रूप में करण नरसरिया और संजय पाहवा को शामिल किया गया है।
इसी क्रम में राज्य शासन ने भी डेली कॉलेज बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के लिए अपने दो प्रतिनिधियों की नियुक्ति कर दी है। शासन की ओर से सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश सुभाष राव काकड़े तथा अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल सेठी को डेली कॉलेज इंदौर के लिए राज्य शासन के प्रतिनिधि के रूप में नामांकित किया गया है। शिक्षा, प्रशासन और विधिक क्षेत्र के अनुभवी व्यक्तित्वों के बोर्ड में शामिल होने को संस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि इससे बोर्ड की प्रशासनिक क्षमता, वैधानिक मजबूती और निर्णय प्रक्रिया को और अधिक बल मिलेगा।
नए संशोधित संविधान के अनुसार इस बार बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में कुल 10 सदस्य होंगे। बोर्ड की यह नई संरचना अब पूर्ण हो गयी है और इसे डेली कॉलेज के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
संस्था से जुड़े लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में जिस प्रकार डेली कॉलेज को विवादों और नकारात्मक अभियानों के माध्यम से प्रभावित करने की कोशिश की गई, उसके बाद अब नई बोर्ड संरचना संस्था को सकारात्मकता, स्थिरता और रचनात्मक दिशा देने का कार्य करेगी। कई वरिष्ठ ओल्ड डेलियन्स ने इसे “डेली कॉलेज की विरासत और गरिमा की पुनर्स्थापना” बताते हुए कहा कि अब संस्था पुनः अपने मूल उद्देश्य . उत्कृष्ट शिक्षा, मूल्यों और नेतृत्व निर्माण . पर केंद्रित होती दिखाई दे रही है।


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