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Wednesday, May 6, 2026

लिव-इन संबंध और वसीयत विवाद से शुरू हुआ मामला—मारपीट, झूठे मुकदमे, पुलिस रिपोर्ट में हेरफेर और कोर्ट में दबाव बनाने के आरोप

 

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। प्रभावशाली व्यक्तियों पर एक महिला ने उत्पीड़न, संपत्ति हड़पने के प्रयास, झूठे मुकदमों में फंसाने, पुलिस तंत्र को प्रभावित करने तथा न्यायालय की कार्रवाई में हस्तक्षेप करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।


सोनिया देवी ने बताया कि— "स्वर्गीय विवेक जैन के साथ आपसी सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। विवेक जैन द्वारा अपनी पत्नी के विरुद्ध तलाक का मुकदमा तथा अपने परिवारजनों के विरुद्ध मारपीट एवं लूट का मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन था। वर्ष 2024 में विवेक जैन द्वारा अपनी समस्त संपत्ति विधिवत वसीयत के माध्यम से सोनिया देवी के नाम कर दी गई, जिसके पश्चात उनके परिवारजनों धनेन्द्र जैन, विशाल जैन, सोना जैन एवं अन्य द्वारा विरोध शुरू हो गया। आरोप है कि धनेन्द्र जैन अपने पुलिस सुरक्षा कर्मियों, निजी सुरक्षा कर्मियों एवं परिजनों के साथ उसके घर पहुंचे और जबरन प्रवेश कर मारपीट, गाली-गलौज एवं उत्पीड़न किया। 02 जनवरी 2025 को शिकायत के बावजूद थाना स्तर पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई। बताया कि विवेक जैन की मृत्यु के पश्चात उसे एवं उसके परिवार को झूठे हत्या के मुकदमे में फंसाया गया। फर्जी वसीयत तैयार कर संपत्ति हड़पने का प्रयास किया गया।"


न्यायालय कार्यवाही:

पीड़िता ने बताया कि एसीजेएम कोर्ट मेरठ में धारा 173(4) BNSS के अंतर्गत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। थाना द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट को एकपक्षीय एवं भ्रामक बताया गया। आरोप है कि धनेन्द्र जैन अपने पुलिस सुरक्षा कर्मियों, निजी गार्डों, पुत्र विशाल जैन, सोना जैन एवं अन्य परिजनों के साथ न्यायालय पहुंचे और सुनवाई बाधित करने का प्रयास किया। उसके अधिवक्ता राम कुमार शर्मा को न्यायालय परिसर के बाहर जबरन रोका गया तथा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। महिलाओं के माध्यम से उन पर दबाव बनाया गया कि वे पैर छूकर समझौता करें, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया। इसके पश्चात न्यायालय के अंदर वीडियो रिकॉर्डिंग का प्रयास किया गया, जिसे अधिवक्ता एवं पुलिस द्वारा रोका गया। पुलिस द्वारा पकड़ने का प्रयास करने पर संबंधित व्यक्ति मौके से फरार हो गया। सुनवाई के पश्चात आरोपियों द्वारा न्यायालय पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया, जिस पर न्यायालय ने हस्तक्षेप करते हुए सभी को परिसर से बाहर करवा दिया।


प्रभाव और दबाव के आरोप:

आरोप है कि धनेन्द्र जैन एक बड़े तेल व्यवसायी हैं, जो अपने राजनीतिक एवं प्रशासनिक प्रभाव का दुरुपयोग कर अधिकारियों पर दबाव बनाते हैं तथा विरोध करने वालों के विरुद्ध फर्जी मुकदमे दर्ज कराते हैं। सोनिया देवी ने अपनी जान-माल को गंभीर खतरा बताते हुए सुरक्षा, निष्पक्ष जांच एवं कठोर कार्यवाही की मांग की है।


मुख्य मांगें —

1. निष्पक्ष जांच

2. एफआईआर दर्ज हो

3. सरकारी सुरक्षा हटे

4. पीड़िता को सुरक्षा मिले

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