Saturday, May 16, 2026

"उन्मुक्त भारत” की राष्ट्रीय चरित्र निर्माण कार्यशाला ने विद्यार्थियों में जगाई राष्ट्रभक्ति की अलख

नित्य संदेश ब्यूरो

सहारनपुर। अभिनव भारत चैरिटेबल ट्रस्ट की कार्यकारी इकाई “उन्मुक्त भारत” द्वारा राष्ट्रीय चरित्र निर्माण अभियान के अंतर्गत जनपद सहारनपुर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान ग्रीनफील्ड एकेडमी, नानौता में एक प्रेरणादायी गोष्ठी एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्र प्रेम, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा। कार्यक्रम के प्रारंभ में “उन्मुक्त भारत” के प्रतिनिधि ओम सिंह राणा एवं पूनम राणा ने विद्यालय की प्राचार्य कुमुद पुंडीर से शिष्टाचार भेंट की तथा उन्हें सुभारती ग्रुप के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण द्वारा लिखित पुस्तक “राष्ट्र अनुभूति” भेंट स्वरूप प्रदान की।


इसके पश्चात विद्यालय के सेमिनार हॉल में कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं के लिए राष्ट्रीय चरित्र निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उल्लेखनीय है कि ग्रीनफील्ड एकेडमी में लगभग 1250 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं तथा विद्यालय में एन.सी.सी., योग, खेलकूद एवं पेंटिंग जैसी सह-शैक्षिक गतिविधियों पर विशेष बल दिया जाता है। संस्था को उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रधानमंत्री शील्ड सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। कार्यशाला को संबोधित करते हुए विद्यालय की प्राचार्य कुमुद पुंडीर ने राष्ट्रीय चरित्र निर्माण की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अनुशासन, संस्कार एवं राष्ट्रहित को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया। उन्होंने “उन्मुक्त भारत” की टीम का परिचय कराते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं में सकारात्मक सोच एवं राष्ट्रीय चेतना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


मुख्य वक्ता श्री ओम सिंह राणा ने विद्यार्थियों को व्यक्तिगत एवं राष्ट्रीय चरित्र निर्माण के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने भारत सरकार द्वारा सड़क दुर्घटना पीड़ितों की सहायता हेतु संचालित “राहवीर योजना” की जानकारी देते हुए कहा कि समाज के प्रति संवेदनशीलता ही सच्चे नागरिक का परिचय है। उन्होंने माता-पिता एवं गुरुजनों के सम्मान, देश की स्वतंत्रता में क्रांतिकारियों विशेषकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस एवं आजाद हिंद फौज के योगदान तथा 21 अक्टूबर 1943 को अखंड भारत के स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। इस अवसर पर पूनम राणा ने शहीद खुदीराम बोस, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह एवं विनायक दामोदर सावरकर जैसे महान क्रांतिकारियों के संघर्ष और बलिदान को स्मरण करते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। 


उन्होंने नशा मुक्त भारत के निर्माण, मोबाइल फोन के सदुपयोग एवं दुरुपयोग तथा आपातकालीन सेवा 112 के प्रभावी उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जागरूकता प्रदान की।  कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में शिक्षा, अनुशासन एवं संस्कारों का अत्यंत सकारात्मक वातावरण देखने को मिला। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह एवं गंभीरता के साथ कार्यशाला में सहभागिता करते हुए वक्ताओं के विचारों को आत्मसात किया। कार्यक्रम का शुभारंभ “वंदे मातरम” के सामूहिक गायन से हुआ तथा समापन “अखंड भारत के राष्ट्रगान” के साथ हुआ। संपूर्ण आयोजन राष्ट्रभक्ति, प्रेरणा एवं सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत वातावरण में संपन्न हुआ।

No comments:

Post a Comment