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Monday, May 11, 2026

जूडो तकनीकों से आत्मरक्षा और खेल सुरक्षा का मिला मंत्र, सुभारती विश्वविद्यालय में हुआ प्रेरणादायक अतिथि व्याख्यान

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के शिक्षा संकाय अंतर्गत शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा संकाय के सेमिनार हॉल में “आत्मरक्षा हेतु जूडो तकनीक एवं खेलों में चोटों की रोकथाम” विषय पर एक प्रभावशाली एवं ज्ञानवर्धक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आत्मरक्षा तकनीकों, खेल सुरक्षा एवं शारीरिक गतिविधियों के दौरान चोटों की रोकथाम संबंधी व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करना था।  कार्यक्रम का शुभारंभ शारीरिक शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष एवं एसोसिएट प्रो. (डॉ.) मंजू अधिकारी द्वारा अतिथि वक्ता डॉ. बरखा भारद्वाज, सहायक प्रोफेसर, एसआरडीए पीजी कॉलेज, हाथरस का स्वागत कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. बरखा भारद्वाज को सम्मान स्वरूप पटका एवं पौधा भेंट कर अभिनंदन किया।


अपने व्याख्यान में डॉ. बरखा भारद्वाज ने जूडो तकनीकों के माध्यम से आत्मरक्षा, खेल सुरक्षा तथा चोट प्रबंधन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने खिलाड़ियों एवं विद्यार्थियों को खेलों के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों एवं वैज्ञानिक निवारक उपायों की जानकारी दी, जिससे खेल संबंधी चोटों को प्रभावी रूप से कम किया जा सके। कार्यक्रम की विशेष आकर्षण जूडो तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन रहा, जिसमें विद्यार्थियों को आत्मरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विभिन्न तकनीकों एवं सुरक्षा उपायों को व्यवहारिक रूप से समझा। कार्यक्रम का संवादात्मक एवं प्रेरणादायक स्वरूप विद्यार्थियों के लिए अत्यंत रोचक रहा।


इस अवसर पर लगभग 60 विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की। शारीरिक शिक्षा विभाग के सभी शिक्षकगण भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे तथा उन्होंने व्याख्यान की व्यावहारिक एवं उपयोगी प्रस्तुति की सराहना की। अतिथि व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ। विद्यार्थियों को जूडो आधारित आत्मरक्षा तकनीकों, चोटों की रोकथाम के उपायों तथा उनके खेल एवं दैनिक जीवन में उपयोग संबंधी उन्नत एवं व्यवहारिक जानकारी प्राप्त हुई। इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में शारीरिक सुरक्षा, अनुशासन, मानसिक सतर्कता एवं व्यावहारिक खेल शिक्षा के प्रति जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 


कार्यक्रम के माध्यम से समकालीन शारीरिक शिक्षा एवं खेल प्रशिक्षण में आत्मरक्षा शिक्षा तथा वैज्ञानिक चोट प्रबंधन की बढ़ती आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया गया। विद्यार्थियों को सुरक्षित प्रशिक्षण पद्धतियों, तकनीकी दक्षता एवं अनुशासित खेल अभ्यास को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। शारीरिक शिक्षा विभाग ने कार्यक्रम को सफल, प्रभावशाली एवं ज्ञानवर्धक बनाने हेतु विश्वविद्यालय प्रशासन एवं सम्मानित अतिथि वक्ता डॉ. बरखा भारद्वाज के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम अनुभवात्मक अधिगम, कौशल विकास एवं छात्र-केंद्रित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

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