Tuesday, May 12, 2026

मालवा उत्सव के अंतिम दिन रही चहल-पहल : बीजू कंसले, थाट्या, कर्मासेला, शिव स्तुति, कृष्ण लीला नृत्य हुए

नवीन मौर्य

नित्य संदेश, इंदौर। मालवा उत्सव के रजत जयंती वर्ष का आगाज जिस भव्यता के साथ हुआ था, आज अंतिम दिवस भी उसी भव्यता, निरंतरता और उत्साह लोक कलाकारों एवं स्थानीय कलाकारों शिल्पकारों व लोगों में दिखाई दे रहा था।

जब मंच से उदघोषिका ने घोषणा की कि आज मालवा उत्सव का समापन दिवस है तो उपस्थित दर्शकों की भावना थी कि यह उत्सव बहुत जल्दी समाप्त हो गया है।  

लोक संस्कृति मंच के संयोजक सांसद शंकर लालवानी ने इंदौर की जनता को मालवा उत्सव के 25वें रजत जयंती वर्ष पर  सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया और बधाई दी। 

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां--

लोक संस्कृति मंच के सचिव दीपक लवंगडे  ने बताया कि छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश से आए कलाकारों ने सेलागेडी नृत्य प्रस्तुत किया यह गोंड आदिवासी जनजाति का पारंपरिक नृत्य यह उनकी संस्कृति परंपराओं और रीति रिवाज को दर्शाता है। बांस के डंडों पर खड़े होकर किया गया नृत्य खूबसूरत था यह बसंत पंचमी पोल व फसल आने के उल्लास में किया जाता है। 

वही गोंड जाति का नृत्य थाट्या भी प्रस्तुत किया गया जो बड़ा ही खूबसूरत बन पड़ा था। आशीष पिल्लई वह ध्रुपद डांस अकादमी द्वारा कलाकारों के समूह ने उत्तर भारत के शास्त्रीय नृत्य कथक से शिव स्तुति प्रस्तुत की उन्होंने शिव पंचाक्षर मंत्र गणेश भजन और तीन ताल की प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। 

कीर्ति साठे और उनके समूह ने कृष्ण लीला द्वारा कृष्ण के जीवन की छोटी बड़ी लीलाओं को खुबसूरती से प्रस्तुत किया धनवंती भाटिया के आरंभ संस्थान द्वारा एवं अपूर्व पांडे समूह द्वारा भी मृत्यु की सुंदर प्रस्तुतियां दी गई।

नाद नमन संस्था ने भी अपनी प्रस्तुति दी। उषा मकवाना एंड समूह ने अपनी प्रस्तुतियां दी।

इस अवसर पर लोक संस्कृति मंच के  मुद्रा शास्त्री स्वाती लवंगडे रितेश पाटनी ,मनीष बासानी विशाल गिदवानी, संकल्प वर्मा कपिल जैन, रितेश पिपलिया, निवेश शर्मा, मुकेश पांडे, जुगल जोशी, मनीष सोनी विकास केतले मौजूद थे।

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