लियाकत मंसूरी
नित्य संदेश, लखनऊ । उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बुधवार को आए भीषण आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक कुल 62 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। आपदा का सबसे भयावह मंजर प्रयागराज मंडल में देखने को मिला, जहां अकेले प्रयागराज जिले में 16 लोगों की जान चली गई।
इसके अलावा भदोही में 11, फतेहपुर में 7 और कानपुर क्षेत्र में 6 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है। प्रतापगढ़, कौशांबी, बरेली और सीतापुर समेत अन्य जिलों से भी जान-माल के नुकसान की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।
100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से चली हवाओं के कारण हजारों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे राज्य के बड़े हिस्से में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है।
प्रदेश सरकार ने इस प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिया है कि वे प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य शुरू करें और मृतकों के परिजनों को 24 घंटे के भीतर 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएं।
खेतों में खड़ी फसलों और बागवानी को हुए भारी नुकसान का आकलन करने के लिए भी सर्वेक्षण के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन की टीमें मलबे को हटाने और अवरुद्ध रास्तों को खोलने के कार्य में जुटी हैं, जबकि अस्पतालों को घायलों के समुचित इलाज के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

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