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Monday, May 11, 2026

1857 की महान क्रांति की 170 वीं जयंती पर इतिहास विभाग में संपन्न हुई राष्ट्रीय संगोष्ठी

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग एवं स्वामी सहजानंद सरस्वती सेवा संस्थान हापुड़ के संयुक्त तत्वावधान में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में एनसीआर के पांच गांव : कुम्हैडा खिन्दोड़ा, भनेड़ा, सुहाना एवं ग्यासपुर का ऐतिहासिक अवलोकन, विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न हुई। इस कार्यक्रम की विशेष  उल्लेखनीय बात यह है कि इन पांचो क्रांतिकारी गांव कुम्हैडा भनेड़ा, खिन्दोड़ा सुहाना व ग्यासपुर के क्रांतिकारियों के वंशजों को विशेष रूप से कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था तथा उन सभी को सम्मानित किया गया। लगभग पांच दर्जन से अधिक इन पांचो गांव के निवासियों ने इस कार्यक्रम में सहभागिता की।इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ समाजसेवी राजेंद्र शर्मा ने की। 


मुख्य अतिथि रणवीर राणा पूर्व विधायक रहे। इतिहास विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर कृष्णकांत शर्मा ने सभी का स्वागत करते हुए 1857 की क्रांति की शुरुआत से लेकर क्रांतिकारियों के दिल्ली कूच के रास्ते और उस समय की विकट परिस्थितियों पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर विघ्नेश कुमार ने विषय प्रवर्तन करते हुए इन पांच क्रांतिकारी गांव के निवासियों के साथ प्रतिक्रांति के दौर में हुए भयावह जुल्म और दंड का विस्तार पूर्वक वर्णन किया। प्रोफेसर आराधना और प्रोफेसर अजय विजय कौर ने भी क्रांति के संबंध में अपने विचार प्रस्तुत किया। रासना डिग्री कॉलेज के इतिहास विभाग के डॉक्टर मुदित कुमार ने 1857 में इन पांचो गांव की क्रांति से पूर्व सामाजिक आर्थिक राजनीतिक स्थिति व क्रांति के समय इन पांचो गांव के सुव्यवस्थित योजनाबद्ध तरीके से अंग्रेजी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को मार गिराना। करनल ओसबोर्न का बच निकलना तथा क्रांतिकारियों के प्रति गद्दारी रखने वालों को प्रतिक्रांति के दौरान अंग्रेजों द्वारा पुरस्कृत किए जाने की विस्तृत जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि डॉक्टर मुदित कुमार का शोध कार्य विशेष रूप से नहीं पांच गांवों को लेकर है। इन्होंने अपना शोध कार्य लगभग ढाई दशक पूर्व प्रोफेसर विघ्नेश कुमार के निर्देशन में पूरा किया था। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक रणवीर राणा जी ने 1857 की क्रांति में बलिदान हुए ऐसे शूरवीरों और विशेष कर इन पांचो गांव के क्रांतिकारी और उनके वर्तमान में वंशजों को यहां लाना अत्यंत महत्वपूर्ण बताया तथा इनसे प्रेरणा लेने की अपील की। 


कार्यक्रम के अध्यक्ष पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा ने ने ने इतिहास विभाग एवं स्वामी सहजानंद सरस्वती सेवा संस्थान हापुड़ द्वारा किए गए इस प्रकार के महत्वपूर्ण और दूरगामी परिणाम देने वाले कार्यक्रमों को अत्यंत महत्व का बताते हुए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे गुमनाम क्रांतिकारी को जन सामान्य तक पहुंचाना उनके संबंध में शोध पर कार्य करना सच्ची श्रद्धांजलि और देशभक्त है। उन्होंने कहा कि मैं देख रहा हूं पिछले अनेक वर्षों से इतिहास विभाग यह कार्य बहुत तत्परता से और गंभीरता से कर रहा है। मैं ऐसे सब प्रयासों के लिए इतिहास विभाग तथा स्वामी सहजानंद सरस्वती सेवा संस्थान को बधाई देता हूं। 


इस अवसर पर स्वामी सहजानंद सरस्वती सम्मान 2026 से अपने-अपने क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले महानुभावों को सम्मानित किया गया। सहजानंद सेवा संस्थान के अध्यक्ष अवनीश त्यागी ने सभी का आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बनाने हेतु सभी की उपस्थिति को नमन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर कुलदीप कुमार त्यागी ने किया। इस अवसर पर डॉ योगेश कुमार डॉ मनीषा त्यागी डॉ शालिनी कपिल त्यागी ऋषि त्यागी मुरादनगर ब्लॉक प्रमुख राजीव त्यागी वरिष्ठ समाज सेवी संजीश्वर कुमार डॉक्टर अजीत देशवाल कालजई कवि दुष्यंत फाउंडेशन के सचिव डॉक्टर राहुल कुमार त्यागी, दो दर्जन से अधिक शोधार्थीआदि सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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