Thursday, May 14, 2026

महात्मा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की 15वीं पुण्यतिथि पर भाकियू मेरठ का किसान तीर्थ सिसौली प्रस्थान


नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में शुक्रवार को जिला मेरठ से हज़ारों किसान ग्राम सिसौली टिकैत की 15वीं पुण्यतिथि पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम मे शामिल होंगे।

जानकारी देते हुए जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने बताया कि बाबा महेंद्र सिंह टिकैत ने वर्ष 1987 में बिजली की बढ़ी दरों के खिलाफ एक आंदोलन कर्मुखेड़ी बिजली घर से छेड़ा था, उस आंदोलन में पश्चिमी यूपी के सभी जनपदों के किसान शामिल हुए थे, उसके बाद बाबा टिकैत लगातार किसानों की अगुवाई करते करते सूबे के हुक्मरानों की जेब से किसानों के हक व हित की खींचतान मे व्यस्त रहने लगे, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों में बाबा टिकैत की लोकप्रियता मौजूदा प्रधानमंत्री से भी अधिक थी, बाबा टिकैत की सादगी, सरल भाषा व उनके धरने की ताकत से प्रदेश व केन्द्र सरकार तक घबराई रहती थी वहीं बाबा टिकैत की अगुवाई मे हुए आंदोलनों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ साथ यूपी, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, सहित तमाम प्रदेश के किसानों के प्रति सरकारी तंत्र के सोचने के नजरिये मे बदलाव आया, धीरे-धीरे तमाम छुपे हुए किसान हित किसानों तक पहुँचने लगे व किसानों को होने वाली समस्याओ का निस्तारण होने लगा ।
 
जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने बताया कि उनके पिता उस समय युवा अवस्था में आंदोलन में शामिल हुए थे आंदोलन आक्रामक था जिसमें दो किसान और दो पुलिस वाले टकराव में अपनी जान गंवा बैठे थे उस समय भारतीय किसान यूनियन का महेंद्र सिंह टिकैत ने उदय किया उसके उपरांत मेरठ कमिश्नरी cda मैदान आंदोलन ने किसानों ओर महेंद्र सिंह टिकैत को एक नई पहचान दी बीबीसी लंदन ने महेंद्र सिंह टिकैत को बेताज बादशाह की उपाधि भी प्रदान की उसके बाद अनेकों आंदोलन प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की कृषि नीतियों के विरोध में हुए वोट क्लब आंदोलन को किसान याद करते है तो याद आता है कि उस समय दिल्ली पुलिस ने ऐसा सायरन बजाया था कि की कानों ने काम करना सुनना बंद कर दिया था टेंटो में आग लगा दी थी, परन्तु किसान हटे नहीं आखिरकार तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी को अपनी रैली स्थल बदलना पड़ा था, 

चौधरी चरण सिंह जब स्वर्गवासी हो गए तब चौधरी महेंद्र सिंह ने अपने देशी अंदाज में कहा था लाओ बाण ओर फ़ावले लगाओ निशान चौधरी का अंतिम संस्कार यही होगा, तब केंद्र सरकार को चौधरी चरण सिंह जी के लिए किसान घाट बनाना पड़ा था टिकैत साहब पर कई बार राजसभा आदि के प्रस्ताव आए परन्तु उन्होंने हंस के ठुकरा दिये थे।
 
जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने बताया सन 2008 में वे दसवीं कक्षा के छात्र थे तब मायावती सरकार ने उन्हें गिरफ्तार करने का आदेश दिया था तब वे अपने पिता जी के साथ सिसौली गए उनकी सुरक्षा हेतु किसानों ने सिसौली को छावनी बना दिया था और उस छावनी को पुलिस भेद नहीं पाई थी आज भी हम सिसौली जाते है तो वहाँ के सभी घर आदर सत्कार करते है, किसानों का टिकैत साहब ने प्रत्येक राजनीतिक पार्टी की सरकार के कृषि विरोधी नीतियों के विरोध में आंदोलन किया और देश के प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री तक ग्राम सिसौली किसान भवन तक पहुंचे।

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