Thursday, April 30, 2026

सुभारती विश्वविद्यालय में गूंजा 'सूचना साक्षरता' का मंत्र

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग द्वारा "इंफॉर्मेशन लिटरेसी इन द ऐज ऑफ मिस इंफॉर्मेशन एण्ड डिजिटल ओवरलोड" विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध प्रोफेसर डॉ. एम. मधुसूदन ने शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए संकायाध्यक्ष डॉ. सुधीर त्यागी ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में सूचना साक्षरता केवल एक कौशल नहीं, बल्कि एक अनिवार्य जीवन-क्षमता बन चुकी है। इस तरह के शैक्षणिक सत्र विद्यार्थियों को डिजिटल युग की चुनौतियों, जैसे कि सूचनाओं की अति और गलत जानकारी, का सामना करने के लिए तैयार करते हैं।


वही मुख्य वक्ता प्रो. डॉ. एम. मधुसूदन ने विस्तार से बताया कि आज के डिजिटल दौर में सूचनाओं का विस्फोट हो रहा है। ऐसे में सही और गलत जानकारी के बीच फर्क करना सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा "सूचना साक्षरता का अर्थ केवल जानकारी पाना नहीं, बल्कि उसकी सत्यता की जाँच और सही मूल्यांकन करना है। सोशल मीडिया पर फैल रही 'फेक न्यूज' समाज के लिए गंभीर खतरा है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि लाइब्रेरी साइंस के विद्यार्थियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि वे समाज के लिए सूचना के 'संरक्षक' और 'मार्गदर्शक' के रूप में कार्य करते हैं। उन्होंने विभिन्न डिजिटल टूल्स और तकनीकों के माध्यम से सूचनाओं के सत्यापन  के व्यावहारिक तरीके भी साझा किए।

व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विषय से संबंधित जिज्ञासाएं व्यक्त की, जिनका डॉ. मधुसूदन ने बड़ी आत्मीयता से समाधान किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. सपना शर्मा ने मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभाग के शिक्षक डॉ. जावेद खान, डॉ. अल्पना, श्रीमती भावना जोशी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने इस सत्र को ज्ञानवर्धक और वर्तमान समय के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया।

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