-कथित रिश्वतखोरी और मेडिकल सीटें बढ़ाने के मामले में
आठ घंटे की छानबीन
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। एनसीआर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में पूर्व
भाजपा एमएलसी डॉ. सरोजनी अग्रवाल के मेडिकल कॉलेज में कथित रिश्वतखोरी और मेडिकल सीटें
बढ़ाने के मामले में सीबीआई की टीम ने करीब आठ घंटे तक गहन छानबीन की। टीम ने कॉलेज
के प्रशासनिक रिकॉर्ड खंगाले और अधिकारियों से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे सीबीआई
की आठ सदस्यीय टीम मेडिकल कॉलेज परिसर पहुंची। टीम सीधे अस्पताल न जाकर कॉलेज परिसर
में स्थित प्रशासनिक कार्यालय में पहुंची और परिसर में सुरक्षा बढ़ाते हुए किसी भी
बाहरी व्यक्ति का प्रवेश प्रतिबंधित करा दिया। इसके बाद टीम ने करीब आठ घंटे तक प्रशासनिक
अधिकारियों से पूछताछ कर कई दस्तावेजों की जांच की और साक्ष्य जुटाए। इस दौरान पूरी
कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई। CBI के सामने नहीं पेश हुई सहायक प्रबंध निदेशक
बताया गया कि मेडिकल कॉलेज की सहायक प्रबंध निदेशक और MLC की बेटी डॉ. शिवानी अग्रवाल
सीबीआई के सामने पेश नहीं हुईं। अधिकारियों ने कॉलेज के अन्य प्रशासनिक कर्मचारियों
से ही पूछताछ की। यह मेडिकल कॉलेज भाजपा की पूर्व एमएलसी डॉ. सरोजनी अग्रवाल का है।
35 लोगों के खिलाफ हो चुकी है एफआईआर
मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने के लिए कथित तौर पर रिश्वत
दिए जाने के मामले की जांच सीबीआई कर रही है। 30 जून को दर्ज मामले में देश के कई मेडिकल
कॉलेजों, नर्सिंग कॉलेजों और National Medical Commission (NMC) से जुड़े अधिकारियों
समेत 35 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इस कार्रवाई के दौरान एनएमसी के तीन
चिकित्सकों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार भी किया गया था। जांच के दौरान यह भी सामने
आया था कि एनसीआर मेडिकल कॉलेज में 50 सीटें बढ़ाने को लेकर डॉ. शिवानी अग्रवाल की
बातचीत मयूर रावल और रणदीप नायर से मोबाइल फोन पर हुई थी।
एक साल पहले भी ईडी कर चुकी है कार्रवाई
इस मामले में वर्ष 2025 में भी सीबीआई और बाद में
Enforcement Directorate (ED) ने देश के कई मेडिकल कॉलेजों में छापेमारी की थी। कार्रवाई
के बाद एनसीआर मेडिकल कॉलेज सहित छह संस्थानों के 2025-26 सत्र को शून्य वर्ष घोषित
कर दिया गया था। हालांकि बाद में उच्च न्यायालय ने एनसीआर मेडिकल कॉलेज के मामले में
इस आदेश पर रोक लगा दी थी।

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