नित्य संदेश ब्यूरो
बागपत-: देश के ग्रामीण युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बागपत में एक बड़ी शुरुआत हुई है। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी ने बागपत में चौधरी अजीत सिंह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर डिजाइन एंड फैशन टेक्नोलॉजी का उद्घाटन किया। इस केंद्र की स्थापना अपैरल, मेड-अप्स एंड होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल काउंसिल' (एएमएचएसएससी) द्वारा की गई है। इस अवसर पर एएमएचएसएससी के चेयरमैन पद्मश्री डॉ. ए. सक्थिवेल और सीईओ आशीष श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उद्धाटन के मौके पर श्री जयंत चौधरी ने कहा कि यह केंद्र नई तकनीकों के साथ कौशल विकास को जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे ग्रामीण युवाओं को रोजगार, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि अपैरल सेक्टर देश में सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले क्षेत्रों में से एक है और हर साल करीब 80 लाख लोगों को रोजगार देता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए यह एक बड़ा अवसर है और इस तरह के सेंटर युवाओं के लिए नए रास्ते खोलेंगे। पद्मश्री डॉ. सक्थिवेल, चेयरमैन, एएमएचएसएससी ने कहा कि यह केंद्र युवाओं को भविष्य के फैशन और अपैरल उद्योग के लिए तैयार करेगा। यहां एआई आधारित ट्रेनिंग और आधुनिक तकनीकों के जरिए कुशल कार्यबल तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि करीब 9,000 वर्ग फुट में बने इस केंद्र पर लगभग 5 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। यहां 3 स्मार्ट क्लासरूम, 43 आधुनिक सिलाई मशीनें (जिनमें 8 AI आधारित हैं), CAD-CAM सिस्टम, 3D डिजाइन सॉफ्टवेयर और अन्य आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। केंद्र में डिजिटल वर्कस्टेशन, कंप्यूटरीकृत एंब्रॉयडरी यूनिट और सिमुलेशन आधारित ट्रेनिंग की सुविधा भी है, जिससे इंडस्ट्री जैसा माहौल मिलेगा। यह केंद्र अपैरल और फैशन टेक्नोलॉजी क्षेत्र में स्किल डेवलपमेंट, नवाचार और इंडस्ट्री के साथ सहयोग का आधुनिक हब होगा।
आशीष श्रीवास्तव, सीईओ, एएमएचएसएससी ने कहा कि भारत के परिधान उद्योग में महिलाओं का अधिक योगदान हैं, और यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस उनके सशक्तिकरण के लिए तैयार किया गया है। एआई-आधारित प्रशिक्षण और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को एक सुरक्षित और समावेशी वातावरण में उपलब्ध कराकर हम ग्रामीण महिलाओं को केवल कौशल ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आर्थिक स्वतंत्रता भी देना चाहते हैं। यह पहल उन्हें रोजगार पाने के साथ-साथ उद्यमी बनने और अपने परिवार तथा देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने में सक्षम बनाएगी। सेंटर में 8 कोर्स शुरू किए गए हैं, जिनमें सिलाई मशीन ऑपरेटर, फैशन डिजाइनिंग और एआई-आधारित प्रोग्राम शामिल हैं। इस केंद्र की खास बात एआई आधारित सिलाई मशीनें हैं, जो कपड़े के प्रकार और मोटाई को पहचानकर खुद ही सिलाई की सेटिंग्स बदल लेती हैं। इससे काम तेजी से होता है, गलती कम होती है और कपड़े की बर्बादी भी घटती है। इसके अलावा सेंटर में CAD-CAM आधारित कटिंग लैब भी है, जहां डिजिटल पैटर्न और ऑटो कटिंग के जरिए सटीक और बेहतर गुणवत्ता का काम किया जाएगा। इस पहल से खासकर ग्रामीण इलाकों के लाखों युवाओं को फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे उन्हें रोजगार के लिए जरूरी कौशल मिलेगा और वे अपैरल सेक्टर में अपनी भागीदारी बढ़ा सकेंगे। साथ ही यह सेंटर ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देगा और MSME सेक्टर को नई तकनीक अपनाने में मदद करेगा।
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