Thursday, March 19, 2026

मलकपुर में किया गया ‘मड टू मैट कुश्ती मैदान’ का शिलान्यास

 


-कौशल विकास और उद्यशीलता तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी रहें मुख्य अतिथि

नित्य संदेश ब्यूरो

बागपत। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत जिले के मलकपुर गाँव में ‘मड टू मैट कुश्ती मैदान’ का शिलान्यास किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह पहल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं, विशेष रूप से महिलाओं, को सशक्त बनाना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से जोड़ना है।


उल्लेखनीय है कि मलकपुर गाँव लंबे समय से कुश्ती और पारंपरिक खेलों की समृद्ध विरासत के लिए जाना जाता रहा है। इस क्षेत्र ने देश को कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता दिए हैं, लेकिन आधुनिक खेल सुविधाओं के अभाव में यहां के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के लिए शहरों की ओर पलायन करना पड़ता था। इस कारण न केवल परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता था, बल्कि शिक्षा और सामाजिक सहयोग प्रणाली भी प्रभावित होती थी, विशेषकर महिलाओं और बेटियों के लिए यह चुनौती और भी गंभीर हो जाती थी। इसी पृष्ठभूमि में ‘मड टू मैट कुश्ती मैदान’ पहल की परिकल्पना की गई है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक मिट्टी आधारित कुश्ती और आधुनिक सिंथेटिक मैट पर आधारित प्रतियोगिताओं के बीच मौजूद अंतर को समाप्त करना है। ग्रामीण खिलाड़ी जहां मिट्टी पर अभ्यास करते हैं, वहीं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं मैट पर आयोजित होती हैं, जिससे तकनीक, गति और प्रदर्शन में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। यह पहल इस अंतर को समाप्त करते हुए खिलाड़ियों को उनके अपने परिवेश में ही आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगी, ताकि वे बिना शहरों में जाए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।


गांवों में बसती है भारत की असली ताकत

इस अवसर पर अपने संबोधन में कौशल विकास और उद्यशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी ने कहा कि भारत की असली ताकत उसके गांवों में बसती है और जब प्रतिभा गांवों में है तो अवसर भी वहीं उपलब्ध होने चाहिए। ‘मड टू मैट कुश्ती मैदान’ की यह पहल ग्रामीण खिलाड़ियों को उनके अपने परिवेश में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगी। यह पहल एक पूरा स्पोर्ट्स ईकोसिस्टम है, जो परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन स्थापित करते हुए भविष्य के चैंपियनों को तैयार करेगीउन्होंने आगे कहा कि अर्थमेड रूरल स्पोर्ट्स स्टेडियम एक बहुउद्देशीय और आधुनिक खेल परिसर होगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मैट रेसलिंग ब्लॉक, आधुनिक जिम एवं प्रशिक्षण सुविधाओं के साथ ही खिलाड़ियों के लिए आवासीय व्यवस्था, उनके पोषणयुक्त आहार की व्यवस्था और एक विस्तृत ओपन स्टेडियम एरीना विकसित किया जाएगा। यह परिसर पारंपरिक खेलों जैसे कुश्ती, कबड्डी और खो-खो के संरक्षण के साथ-साथ आधुनिक खेलों को भी बढ़ावा देगा और एक समग्र प्रशिक्षण वातावरण प्रदान करेगा



जीवंत और सक्रिय स्पोर्ट्स हब के रूप में उभरेगा मलकपुर

यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर केंद्रित है, जहां सुरक्षित और सुलभ प्रशिक्षण सुविधाओं के माध्यम से बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे न केवल महिलाओं का आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को भी मजबूती मिलेगी। इस पहल के माध्यम से खिलाड़ियों के शहरों की ओर पलायन में कमी आएगी, परिवारों पर आर्थिक बोझ घटेगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और खेल आधारित स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यह परियोजना सहभागिता और सामाजिक एकता को भी मजबूत करेगी, जिससे मलकपुर एक जीवंत और सक्रिय स्पोर्ट्स हब के रूप में उभरेगा। यह पहल मलकपुर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक उभरते हुए खेल उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में यह क्षेत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने में सक्षम होगा, जिससे न केवल क्षेत्र की पहचान मजबूत होगी बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को एक नई दिशा भी मिलेगी। इस परियोजना का क्रियान्वयन पीयूसीसीए (ग्रासरूट एक्शन फाउंडेशन) द्वारा किया जा रहा है, जो स्थानीय समुदाय, ग्राम पंचायत और अन्य हितधारकों के सहयोग से इसे चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करेगी।


प्रतिभा के आगे घर न छोड़ना पड़े

इस अवसर पर अनेक गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे, जिनमें बागपत से सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, छपरौली से विधायक डॉ. अजय कुमार, बागपत के जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर, सरालोट हस्तिनापुर के क्षेत्रीय अध्यक्ष तरस पाल मलिक तथा एनएसडीसी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफ़ओ) राजेश स्वाइका शामिल थे। सभी गणमान्य अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण खेल प्रतिभाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम बताया। एनएसडीसी ने सभी सहयोगियों के योगदान की सराहना करते हुए इस परियोजना को ग्रामीण खेल विकास के लिए एक मॉडल पहल बताया। यह पहल भारत सरकार के उस व्यापक विज़न के अनुरूप है, जिसमें कौशल विकास, खेल और राष्ट्र निर्माण को एक साथ जोड़कर युवाओं को सशक्त बनाने पर बल दिया गया है। यह केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि एक ऐसी सोच है जो गांव की मिट्टी से निकलकर ग्लोबल प्लेटफार्म तक पहुंचने की प्रेरणा देती है और यह सुनिश्चित करती है कि देश की प्रतिभा को आगे बढ़ने के लिए अपना घर छोड़ना न पड़े।

 

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