Sunday, March 29, 2026

रोबोटिक तकनीक के साथ हार्ट सर्जरी में आई नई क्रांति, कॉम्प्लेक्स ऑपरेशन भी अब बन रहे ज्यादा सुरक्षित और सटीक



नित्य संदेश ब्यूरो

मुरादाबाद : पिछले कुछ दशकों में कार्डियक सर्जरी के क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति हुई हैजिससे मरीजों के परिणामों में काफी सुधार आया है। इन प्रगतियों में सबसे अहम है रोबोट-असिस्टेड हार्ट सर्जरीजो एक मिनिमली इनवेसिव तकनीक है। इसमें एक अत्यधिक प्रशिक्षित सर्जन की विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीक का संयोजन होता हैजिससे दिल की जटिल सर्जरी बेहद सटीकता के साथ की जा सकती है।

पहले ज्यादातर हार्ट सर्जरी छाती पर बड़े चीरे (स्टर्नोटॉमी) के जरिए की जाती थींजिसमें छाती की हड्डी को काटकर दिल तक पहुंच बनाई जाती थी। यह तरीका आज भी कुछ मामलों में जरूरी होता हैलेकिन इसमें रिकवरी का समय लंबा होता है और शरीर को अधिक ट्रॉमा झेलना पड़ता है। इसके मुकाबले रोबोटिक सर्जरी कम दर्द और तेज रिकवरी के कारण कई मरीजों के लिए बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है।

मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत के सी.टी.वी.एस विभाग के डायरेक्टर एवं यूनिट हेड डॉ. आदित्य कुमार सिंह ने बताया रोबोट-असिस्टेड कार्डियक सर्जरी में सर्जन एक विशेष कंसोल से ऑपरेशन करते हैंजहां से वे छोटे-छोटे पोर्ट्स के जरिए मरीज के शरीर में डाले गए रोबोटिक उपकरणों को नियंत्रित करते हैं। हाई-डेफिनिशन 3डी कैमरा दिल की संरचना का बेहद साफ दृश्य प्रदान करता हैजिससे सर्जन नाजुक हिस्सों पर भी सटीक काम कर पाते हैं। रोबोटिक आर्म्स सर्जन के हाथों की हलचल को माइक्रो-मूवमेंट्स में बदल देती हैंजिससे सीमित जगह में भी अत्यंत सटीक सर्जरी संभव हो पाती है। मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया होने के कारण रोबोटिक हार्ट सर्जरी में छोटे चीरे लगाए जाते हैंजिससे खून कम बहता हैदर्द कम होता है और संक्रमण का खतरा भी घटता है। मरीजों को अस्पताल में कम समय रहना पड़ता है और वे जल्दी अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट पाते हैं। पारंपरिक ओपन-हार्ट सर्जरी की तुलना में यह तकनीक मरीजों के लिए अधिक आरामदायक और सुरक्षित साबित हो रही है।

रोबोटिक सर्जरी का एक बड़ा लाभ इसमें इस्तेमाल होने वाले उपकरण हैंजिनकी सटीकता और लचीलापन मानव हाथ से कहीं बेहतर होता है। इससे सर्जन जटिल प्रक्रियाओं को अधिक सटीकता से पूरा कर सकते हैं। हालांकियह समझना जरूरी है कि रोबोट अपने आप कोई निर्णय नहीं लेता—पूरे ऑपरेशन के दौरान हर गतिविधि सर्जन के नियंत्रण में ही रहती है।

आने वाले समय में रोबोटिक सर्जरी एचआर-सीटी सर्जरी के क्षेत्र में और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह तकनीक न केवल सर्जरी को अधिक प्रभावी बनाएगीबल्कि पारंपरिक सर्जरी से जुड़े ट्रॉमा को भी कम करेगी। जैसे-जैसे इस तकनीक का अनुभव और उपयोग बढ़ेगायह कार्डियक सर्जरी का एक प्रमुख हिस्सा बनती जाएगीजिससे सर्जरी और भी सुरक्षित होगी और मरीजों की रिकवरी पहले से कहीं अधिक तेज होगी। आज के समय में अधिकांश हार्ट बायपास सर्जरी रोबोटिक तकनीक से की जा सकती हैंजिससे मरीजों को टोटल आर्टेरियल सीएबीजी जैसे बेहतर और लंबे समय तक टिकाऊ परिणाम मिलते हैं।


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