Tuesday, March 31, 2026

कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय पर दो दिन का राष्ट्रीय सेमिनार संपन्न हुआ



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला महाविद्यालय माधवपुरम मेरठ में दिनांक 30 से 31 मार्च 2026 तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। यह सेमिनार उच्च शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश के द्वारा अनुदानित था जिसमें देश के विभिन्न महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय से शिक्षकों एवं शोध छात्रों ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया। 

सेमिनार का आयोजन प्रोफेसर सत्यपाल सिंह राणा जंतु विज्ञान विभाग एवं डॉ गौरी गृह विज्ञान विभाग के द्वारा कराया गया। इस सेमिनार के प्रथम स्वागत सत्र की मुख्य अतिथि माननीय प्रोफेसर वाय विमला, वाइस चांसलर, मां शाकुंभरी देवी यूनिवर्सिटी सहारनपुर रही जिन्होंने अपने वक्तव्य में बताया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,  मानव मस्तिष्क से बिल्कुल भी ऊपर नहीं हो सकती लेकिन उसके लिए आवश्यक है कि हम अपने मस्तिष्क का सही इस्तेमाल करते रहे। उसके बाद महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर डॉक्टर अंजु सिंह के द्वारा स्वागत उद्बोधन किया गया। सेमिनार के कन्वीनर प्रोफेसर सत्यपाल सिंह राणा ने सभी को सेमिनार की रूपरेखा से अवगत कराया।स्वागत सत्र में धन्यवाद ज्ञापन ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री डॉ गौरी के द्वारा किया गया।



प्रथम दिवस पर की नोट स्पीकर प्रोफेसर अनुज त्यागी एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज मेरठ रहे, जिन्होंने कहा की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हो हमें अपनाना ही पड़ेगा हर नई टेक्नोलॉजी से पहले लोगों में उसके प्रति रेजिस्टेंस होता है परंतु धीरे-धीरे वह समाप्त हो ही जाता है। प्रथम एवं द्वितीय सत्र दोनों में ही प्रतिभागियों द्वारा पेपर एवं पोस्टर्स का प्रजेंटेशन किया गया।  सेमिनार के दूसरे दिन प्रथम सत्र में ऑनलाइन प्रतिभागियों द्वारा रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए गए एवं द्वितीय सत्र में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित पेपर का पाठन किया गया । इसके बाद समापन सत्र का आयोजन किया गया । 

समापन सत्र के मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर वीरपाल सिंह, डायरेक्टर रिसर्च, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ एवं गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में प्रोफेसर अनुज त्यागी, रेडियोलॉजी विभाग, लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज मेरठ उपस्थित रहे। समापन सत्र का प्रारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा सरस्वती मां के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत से हुआ। मुख्य अतिथि प्रोफेसर वीरपाल सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता संभावित रूप से आधुनिक तकनीक है और हमें भी भविष्य में तकनीकीयुक्त होना आवश्यक है, क्योंकि बदलते समय के परिवेश में बदलती तकनीकियों से युक्त होना ही विकास का एकमात्र आधार है,परंतु हमें तकनीकियों के अधीन नहीं होना है ,क्योंकि तकनीकियों का निर्माण स्वयं मनुष्य ने किया है। 


इसके पश्चात गेस्ट ऑफ ऑनर प्रोफेसर अनुज त्यागी ने तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत किए गए बेस्ट शोध पत्र एवं बेस्ट पोस्टर के विजेताओं के नाम घोषित किये, जिसमें बेस्ट पेपर प्रेजेंटेशन के लिए प्राची और श्रुति पाल को सम्मानित किया गया, साथ ही बेस्ट पोस्टर प्रस्तुतीकरण के लिए बी ए थर्ड ईयर की छात्रा सानिया को पुरस्कृत किया गया। इसके पश्चात अध्यक्षीय उद्बोधन में महाविद्यालय प्राचार्य द्वारा हर्ष व्यक्त किया गया कि प्रस्तुत सेमिनार न केवल विषय से संबंधित विचारों के आदान-प्रदान का आधार बना बल्कि छात्रों और शोधार्थियों द्वारा अपने स्तर से विषय से संबंधित पोस्टरऔर शोध पत्र के माध्यम से अभिव्यक्ति का भी केंद्र बना । आशा है कि इसी प्रकार के सेमिनारों के आयोजन हेतु महाविद्यालय को अवसर प्राप्त होता रहेगा। तत्पश्चात डॉ गौरी ने मंच से अतिथिगण और सभी का आभार प्रकट किया । मंच का संचालन प्रो उषा साहनी द्वारा किया गया एवं रिपोर्ट लेखन डॉ मंजू रानी, बीएड विभाग द्वारा किया गया।

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