नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के अंतर्गत संचालित चरक स्कूल ऑफ फार्मेसी में इंडस्ट्री–एकेडेमिया इंटरैक्शन कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को फार्मास्यूटिकल उद्योग में उभरते क्षेत्रों, विशेषकर फार्माकोविजिलेंस, के बारे में जागरूक करना तथा उन्हें करियर संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान की प्राचार्य Dr. Vaishali Patil द्वारा अतिथि विशेषज्ञों एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए की गई। उन्होंने कहा कि उद्योग और अकादमिक जगत के बीच संवाद से विद्यार्थियों को नवीनतम ज्ञान, आवश्यक कौशल तथा रोजगार के अवसरों की बेहतर समझ मिलती है। सेमिनार में फार्माकोविजिलेंस क्षेत्र के विशेषज्ञ Dr. Parag Kaushik तथा Dr. Vinay Kumar (Tata Consultancy Services) ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार साझा किए। दोनों विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को फार्माकोविजिलेंस की मूलभूत अवधारणाओं, दवा सुरक्षा निगरानी की प्रक्रिया तथा इस क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
वक्ताओं ने बताया कि दवाओं के सुरक्षित उपयोग को सुनिश्चित करने में फार्माकोविजिलेंस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और वर्तमान समय में यह फार्मेसी विद्यार्थियों के लिए तेजी से उभरता हुआ करियर क्षेत्र बन रहा है। सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों और विशेषज्ञों के बीच एक इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने फार्माकोविजिलेंस में प्रशिक्षण, आवश्यक कौशल, इंटर्नशिप तथा रोजगार संभावनाओं से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे।इस अवसर पर संस्थान के सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे तथा विद्यार्थियों को इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रमों से अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में अतिथि वक्ताओं का आभार व्यक्त किया गया।

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