साजिद कुरेशी
नित्य संदेश, सरधना। क्षेत्र के कपसाढ़ गांव में अप्रैल 2017 में दसवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा के साथ हुए जघन्य गैंगरेप और हत्या के मामले में अदालत ने आठ साल बाद ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले में दोषी पाए गए चारों आरोपियों को पॉक्सो एक्ट के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही हत्या की धारा में भी सभी को आजीवन कारावास की सजा दी गई है।
दोषी करार दिए गए आरोपियों में लखन, रॉबिन, विकास और रोहित उर्फ राजा शामिल हैं। अदालत ने चारों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, अप्रैल 2017 में पीड़िता स्कूल से पढ़ाई कर घर लौट रही थी। रास्ते में आरोपियों ने उसे बहला-फुसलाकर गांव के बाहर स्थित एक खंडहर हवेली में ले गए। वहां चारों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया और पहचान उजागर होने के डर से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए थे।
छात्रा के लापता होने के बाद परिजनों ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। कुछ समय बाद उसका शव खंडहर हवेली से बरामद हुआ, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना के विरोध में ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने जमकर प्रदर्शन किया था और आरोपियों को कड़ी सजा की मांग की थी।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज की और साक्ष्यों के आधार पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्य अदालत में पेश किए। लंबी सुनवाई और तमाम दलीलों के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया।
फैसले के बाद पीड़िता के परिजनों ने न्याय मिलने की बात कही और कहा कि भले ही उनकी बेटी वापस नहीं आ सकती, लेकिन दोषियों को सजा मिलने से उन्हें कुछ संतोष मिला है। वहीं, फैसले के मद्देनजर कोर्ट परिसर और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
यह फैसला महिला सुरक्षा और नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर सख्त संदेश देने वाला माना जा रहा है।
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