Saturday, January 10, 2026

डाॅ. प्रेमकुमारी नाहटा कहानी प्रतियोगिता का भव्य पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित


सपना सीपी साहू 
नित्य संदेश, इंदौर। वामा साहित्य मंच के निर्देशन में डाॅ. प्रेमकुमारी नाहटा कहानी प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का मंगल शुभारंभ अनुपमा गुप्ता द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना से हुआ। 

स्वागत भाषण देते हुए अध्यक्ष ज्योति जैन ने जीवन कहानियों के ईर्द-गिर्द ही घूमता है। कहानी सृजन करना सरल नहीं होता, जीवन की परिस्थितियां और अनुभव नूतन कहानियां गढ़ते है। सभी सखियों को ऊर्जा पुंज बताया। समारोह के प्रथम सत्र में वामा की संरक्षक एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. प्रेमकुमारी नाहटा कहानी प्रतियोगिता 2025 के पुरस्कारों का गरिमामय वितरण किया गया। इस अवसर पर प्रतियोगिता संयोजक पद्मा राजेन्द्र ने राष्ट्रीय स्तरीय कहानी प्रतियोगिता को प्रतियोगिता न मानकर साहित्य अनुष्ठान बताया साथ ही चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निर्णायकों की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। 

वहीं डॉ. प्रेमकुमारी नाहटा ने बताया कि वे यह कहानी प्रतियोगिता इसलिए करवा रही है क्योंकि युवा पीढ़ी साहित्य से कट रही है, समाज फिर साहित्य विरासत से जुड़े और यह कहानियों के माध्यम से सरल होगा। जीवन में आने वाले परिवर्तनों और उनसे मिलने वाली शिक्षा पर अपने विचार रखे। 

प्रतियोगिता में विजेताओं को नकद राशि तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिसमें देहरादून की सुधा जुगरान को उनकी मार्मिक कहानी 'अधूरे घर की चौखट' के लिए 10,000 रुपये का प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। बरेली के सुरेश बाबू मिश्रा की कहानी 'संशय के बादल' को 5,000 रुपये के द्वितीय पुरस्कार से नवाजा गया, जबकि तृतीय पुरस्कार संयुक्त रूप से नागपुर की स्वाति कुमारी को उनकी कहानी 'धुंध की धूप' और इंदौर की नेहा जैन को उनकी रचना 'डिजिटल धुंध' के लिए दिया गया; दोनों को 3,000-3,000 रुपये की सम्मान राशि भेंट की गई। 

मंगला रामचंद्रन और सीमा व्यास इस प्रतियोगिता की निर्णायक और कार्यक्रम संयोजक व प्रभावी संचालक उपाध्यक्ष वैजयंती दाते रही। आभार डाॅ. मुक्ता जैन ने व्यक्त किया।

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