Saturday, January 10, 2026

उत्कृष्ट शोधकर्ताओं को इंफोसिस प्राइज़ 2025 से किया सम्मानित



नित्य संदेश ब्यूरो 
नोएडा। इंफोसिस साइंस फाउंडेशन (आईएसएफ) ने बेंगलुरु में आयोजित अभिनंदन समारोह में इंफोसिस प्राइज़ 2025 के विजेताओं को सम्मानित किया। 

श्री के दिनेश (अध्यक्ष, ट्रस्टी मंडल, इंफोसिस साइंस फाउंडेशन) ने कहा, अपने 17वें वर्ष में प्रवेश कर चुका यह पुरस्कार 40 वर्ष से कम उम्र के शोधकर्ताओं को सम्मानित कर उनकी असाधारण प्रतिभा की शीघ्र पहचान के महत्व को रेखांकित करता है। इन विजेताओं को छह विभिन्न श्रेणियों – इकनॉमिक्स, इंजीनियरिंग एवं कंप्यूटर साइंस, ह्यूमेनिटीज़ एंड सोशल साइंसेज़, लाइफ साइंसेज़, मैथमेटिकल साइंसेज़, एवं फिजिकल साइंसेज़ में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया। इन विजेताओं को मुख्य अतिथि प्रोफे. रैंडी शैकमैन ने जो कि यूनीवर्सटी ऑफ कैलीफोर्निया, बर्कले में मॉलीक्यूलर एंड सेल बायोलॉजी में प्रोफेसर तथा होवार्ड ह्यूज़ मेडिकल इंस्टीट्यूट में इंवेस्टीगेटर हैं, तथा 2013 में फिजियोलॉजी/मेडिसिन के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार विजेता रह चुके हैं, स्वर्ण पदक, प्रशस्ति पत्र और 100,000 डॉलर की पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया।

श्री के दिनेश ने बताया कि “हम ऐसे उदीयमान शोधकर्ताओं को सम्मानित करते हुए गर्व महसूस कर रहे हैं, जिनके कार्य आज के दौर में विज्ञान की बढ़ती ताकत और भरोसे की ओर इशारा करते हैं। हम इंफोसिस प्राइज़ 2025 के विजेताओं को बधाई देते हैं जिनकी उपलब्धियां शोध, विज्ञान तथा समाज के बीच परस्पर और महत्वपूर्ण संबंध को दर्शाती हैं। उनकी दूरदर्शिता और कार्यों ने जटिल वैश्विक चुनौतियों से अनूठे तरीके से निपटने में वैज्ञानिक शोध की क्षमताओं को रेखांकित किया है। उनकी उपलब्धियों ने हमारे इस भरोसे को और पुख्ता बनाया है कि विज्ञान ऐसे मार्ग पर आगे बढ़ रहा है जो अधिक सस्टेनेबल तथा लचीली दुनिया की ओर ले जाता है। सार्थक शोध के क्षेत्र में परस्पर सहयोग को बढ़ावा देते हुए, हमने इंफोसिस प्राइज़ सैबेटिकल प्रोग्राम भी जारी रखा है जिसके तहत् भारत से बाहर रहने वाले विजेताओं को भारतीय संस्थानों में एक माह बिताने के लिए आमंत्रित किया जाता है। इंफोसिस साइंस फाउंडेशन में, हम शोध के क्षेत्र में उत्कृष्टता को समर्थन देने तथा भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

इस अवसर पर, मुख्य अतिथि प्रोफे. रैंडी शैकमैन ने कहा, “मैं 2025 इंफोसिस प्राइज़ के विजेताओं को बधाई देते हुए प्रसन्नता का अनुभव कर रहा हूं। इन विद्वानों ने अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों से भारत में बेसिक एवं एप्लायड नैचुरल एंड सोशल साइंसेज़ के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित किया है। विश्व की महान सभ्यता और सबसे बड़े लोकतंत्र के तौर पर, भारत ने देश-विदेश में अपनी विद्वता को प्रमाणित किया है। मैं हर दिन विश्व समुदाय की सेहत और समृद्धि में भारतीयों के योगदान तथा उनकी मेहनत को देखता हूं। तेजी से सिमट रही दुनिया में, भारत के इन बेहतरीन विद्वानों के सकारात्मक योगदानों को देखने के लिए रुकना और उस पर सोच-विचार करना, वाकई सुखद अहसास से भर देता है।”

इस अभिनंदन समारोह में दुनियाभर से आए विशिष्ट वैज्ञानिक, जाने माने शिक्षाविद, बिजनेस लीडर, युवा स्कॉलर और छात्र उपस्थित थे। इंफोसिस साइंस फाउंडेशन के ट्रस्टी श्री के दिनेश (अध्यक्ष, ट्रस्टी मंडल), नारायण मूर्ति, श्रीनाथ बाटनी, क्रिस गोपालकृष्णन, एसडी शिबुलाल, मोहनदास पाइ, नंदन नीलेकनी और सलिल पारेख भी पुरस्कार समारोह में उपस्थित थे।

इंफोसिस प्राइज़ सैबेटिकल प्रोग्राम के तहत किसी भी श्रेणी में इंफोसिस प्राइज़ प्राप्त करने वाले ऐसे विजेता को, जो भारत से बाहर रहते हैं, उनके चयन की घोषणा के अगले कैलेंडर वर्ष में, भारत में अपनी पसंद के किसी भी संस्थान में 30 दिन बिताने होते हैं। ऐसा इन विजेताओं तथा भारत में विज्ञान समुदाय के बीच परस्पर सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जाता है।

No comments:

Post a Comment