-अन्तर्राज्यीय गिरोह का सदस्य है आरोपी, एसटीएफ ने दिल्ली
से दबोचा
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्पेशल टास्क फोर्स ने आईटी एक्ट में वांछित आरोपी
को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि युवक ने फर्जी आईडी पर फर्जी फर्म बनाई, जीएसटी चोरी
कर सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुँचाया। बताया जाता है कि आरोपी अन्तर्राज्यीय
गिरोह का सदस्य है। एसटीएफ को थाना वजीराबाद दिल्ली क्षेत्र से यह सफलता मिली। आरोपी
का नाम जाहिद पुत्र नसीम उर्फ नसीमुददीन निवासी ग्राम जगतपुर थाना वजीराबाद दिल्ली
है।
अश्वनी कुमार पुत्र अशोक कुमार ग्राम-वडसू थाना खतौली
जनपद मुजफ्फरनगर ने तहरीर दी थी कि गत दिनों कुछ व्यक्तियों द्वारा नौकरी लगाने के
नाम पर उसके व्हाटसअप के जरीए आधार कार्ड, पैनकार्ड, बिजली का बिल आदि प्रमाण-पत्र
ले लिए। बाद में मालूम हुआ कि उसके आधार पर एक फर्जी फर्म एकेट्रेडर्स रजि. करा ली
गई। लगभग 248 करोड़ के फर्जी बिल बनाकर धोखाधड़ी कर लगभग 45 करोड़ की जीएसटी चोरी की
गई। थाना साइबर क्राइम जनपद मुजफ्फरनगर में शिकायत की गई। जिसकी विवेचना एसटीएफ फील्ड
इकाई मेरठ द्वारा की जा रही थी, पर्यवेक्षण अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने
बताया कि विवेचना के दौरान रतनाराम पुत्र कालूराम, ओमप्रकाश, हनुमान राम पुत्र मूलाराम
निवासीगण गोलिया गरवा थाना आरजीटी जिला बाडमेर (राजस्थान), बुद्धराम पुत्र भागीरथ एवं
सन्तोष कुमार पुत्र भागीरथ राम निवासी डाबड थाना गुडामलानी जिला बाडमेर (राजस्थान)
के नाम प्रकाश में आए, जिनको दि० 28 जून 2025 को एसटीएफ फील्ड इकाई मेरठ द्वारा जनपद
बैंगलोर सिटी कर्नाटक से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जाहिद उपरोक्त वांछित चल रहा
था।
चार साल पहले आया था संपर्क में
विवेचनात्मक कार्रवाई के दौरान मुखबिर के माध्यम से सूचना
प्राप्त हुई कि वांछित तथा उक्त फर्जी कम्पनी बनाकर जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह का
एक सदस्य ग्राम जगतपुर दिल्ली में रह रहा है। इस पर निरीक्षक रविन्द्र कुमार के नेतृत्व
में उप निरीक्षक अरूण कुमार निगम, उप निरीक्षक दुर्वेश डबास, हेड कांस्टेबल संजय सिंह,
हेड कांस्टेबल अंकित श्योरान की टीम द्वारा स्थानीय पुलिस के साथ ग्राम जगतपुर से जीएसटी
चोरी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया गया। जाहिद ने एसटीएफ को बताया
कि करीब 04 साल पहले अपने एक साथी के माध्यम से सुरेश उर्फ रमेश आदि से मिला था।
प्रत्येक एकाउंट पर मिलते थे दस हजार रुपये
यह लोग प्रत्येक अकाउण्ट पर 10 हजार रुपये देते है। उनसे
उनके बैंक अकाउण्ट, एटीएम कार्ड, पासबुक, चैक बुक, मोबाइल सिम, आधार कार्ड व पेन कार्ड
की कापी लेकर उनका इस्तेमाल अपने अन्य साथी सुरेश उर्फ रमेश, हनुमान राम, लाभूराम,
संतोष, बुद्धराम, ओमप्रकाश व रतनाराम आदि निवासीगण बाडमेर राजस्थान के साथ मिलकर फर्जी
फर्म्स खोलकर जीएसटी चोरी करते हैं।

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