Tuesday, January 20, 2026

कचहरी में वकील पर हमला: आरोपी सिपाही की गिरफ्त में, पुलिस पर पक्षपात का आरोप

 

तरुण आहुजा 
नित्य संदेश, मेरठ। कचहरी में प्रेक्टिस करने वाली महिला वकील अरशी पर हमला कर दिया गया। थाना ब्रहम्पुरी में दर्ज कराई गई FIR के आरोपीयों पर गंभीर आरोप लगाया है। घटना 17 जनवरी 2026 को हुई, जब अरशी दैनिक कार्य के लिए कचहरी पहुंची थीं। 

आरोप है कि आलम पुत्र उसीम अली, कामिल पुत्र आसीम अली, आबिद उर्फ जादू पुत्र साबिर अली और अदीब पुत्र अरशद सहित 4-5 साथियों ने उन्हें घेरकर धक्का-मुक्के मारे और जान से मारने की कोशिश की। मौके पर मौजूद वकीलों और कचहरी चौकी पर तैनात सिपाही ने हस्तक्षेप कर अरशी की जान बचाई। अदीब को मौके से ही पकड़कर चौकी ले जाया गया। अरशी ने तुरंत 112 नंबर पर सूचना दी। इससे पहले 10 जनवरी 2026 को थाना ब्रहम्पुरी में ही इनके खिलाफ FIR नंबर 0019/2026 (धारा 115(2), 118(1), 352, 35(3), 333 बीएएस 2023) दर्ज हो चुकी थी, जिसमें घर में घुसकर मारपीट और गाली-गलौज का आरोप था। 

पुलिस पर पक्षपाती कार्रवाई का आरोप: 
विवादास्पद मोड़ तब आया जब थाना सिविल लाइन में उसी रात दो FIR दर्ज हुईं। आरोपी पक्ष ने अरशी, उनके पति सलमान अहमद (निवासी 117, जीबीआई पार्क, थाना ब्रहम्पुरी) और पुत्र सालिक के खिलाफ फर्जी FIR (अपराध संख्या 0017/2026, धारा 109(1), 115(2) बीएमएस 2023) दर्ज कराई। वहीं, अरशी की FIR (अपराध संख्या 0018/2026, धारा 351(2), 352, 333, 331 बीएनएस 2023) भी दर्ज हुई, लेकिन वे पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठा रही हैं। उनका कहना है कि कचहरी में हुए हमले की वास्तविकता को दबाया गया और आरोपी पक्ष को संरक्षण मिला। अरशी ने उच्च अधिकारियों से स्वतंत्र जांच, फर्जी FIR रद्द करने और परिवार को सुरक्षा की मांग की है। 

वे बताती हैं, "मुझे और मेरे परिवार को अब भी जान-माल का खतरा है। आरोपी पीछा कर रहे हैं।" पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। यह मामला मेरठ न्यायिक क्षेत्र में पुलिस-वकील संबंधों पर सवाल खड़े कर रहा है।

घटना स्थल से विशेष: कचहरी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर बहस छिड़ गई है। वकील संगठन अलर्ट पर हैं। आगे की कार्रवाई का इंतजार।

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