Sunday, January 11, 2026

प्रेस की आज़ादी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए पत्रकार एकजुट: अतुल माहेश्वरी



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। मेरठ विकास प्राधिकरण जैसे सार्वजनिक कार्यालय में पत्रकार को “बाहरी व्यक्ति” कहकर प्रवेश से रोकना, न केवल असंवैधानिक है, बल्कि यह प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है। बिना किसी लिखित आदेश के, मौखिक फरमान और प्राइवेट गार्ड के सहारे पत्रकारों को रोकना अफसरशाही की तानाशाही, मानसिकता को उजागर करता है। 


संयुक्त प्रेस क्लब के अध्यक्ष अतुल महेश्वरी ने बताया कि यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि डर, दबाव और अपमान के ज़रिए कलम को झुकाया नहीं जा सकता। यदि प्रशासन यह समझता है कि पत्रकारों को “बाहरी” बताकर सच की आवाज़ दबाई जा सकती है, तो यह उसकी सबसे बड़ी भूल है। इसी तानाशाही रवैये के विरोध में संयुक्त प्रेस क्लब मेरठ के आह्वान पर सोमवार को मेरठ विकास प्राधिकरण कार्यालय पर पत्रकार, प्रेस संगठन, आरटीआई कार्यकर्ता एवं लोकतंत्र समर्थक एकजुट होकर निर्णायक आवाज़ बुलंद करेंगे। इस अवसर पर मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा जाएगा। स्पष्ट चेतावनी दी जाती है कि यदि 48 घंटे के भीतर दोषी अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यह संघर्ष सड़क से लेकर न्यायालय तक ले जाया जाएगा।


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