नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। मेडिकल कॉलेज के एसपीएम विभाग द्वारा पोषण माह पर हेल्दी
बेबी प्रतियोगिता का आयोजन नगरीय स्वास्थ्य प्रशिक्षण केन्द्र सूरजकुंड में राष्ट्रीय पोषण माह
2025 के अवसर पर बच्चों के
पोषण एवं स्वास्थ्य के संबंध में एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता वार्ता का आयोजन
किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को भारत में बच्चों में कुपोषण की स्थिति के बारे में जानकारी दी गई। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार, देश में लगभग 32% बच्चे (5 वर्ष से कम उम्र के) कम वजन के हैं और 35% बच्चे अवरुद्ध वृद्धि से प्रभावित हैं। जिले में भी कुपोषण की समस्या प्रचलित है, जहाँ लगभग 30-32% बच्चे कुपोषित पाए गए हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजीव कुमार (विभागाध्यक्ष, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग मेडिकल कॉलेज), के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम में
स्वास्थ्य प्रशिक्षण केन्द्र सूरजकुंड के प्रभारी अधिकारी डॉ. नीलम एस. गौतम ने 5 वर्ष से कम की आयु के
बच्चों में पौष्टिक आहार एवं संतुलित पोषण के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने
बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में उचित पोषण की भूमिका को रेखांकित किया।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि बच्चों को प्रतिदिन ताजे फल, हरी सब्जियां, दलहन, दूध और दूध से बने
उत्पाद, अंडा, मांस या प्रोटीन स्रोत
और साबुत अनाज शामिल करना चाहिए। उन्होंने नाश्ते और खाने के समय नियमितता बनाए
रखने, जंक फूड और अधिक शर्करा
वाले उत्पादों से बचने की सलाह भी दी।
सूरजकुंड पर सितंबर के पोषण माह में हेल्दी बेबी प्रतियोगिता का आयोजन किया
गया। जिसमें 6 महीने से 5 वर्ष तक के बच्चों का
वजन, ऊँचाई और शारीरिक विकास
परीक्षण किया गया। कार्यक्रम के दौरान तीन चयनित बच्चों सचिका (9 महीना), हानिया (18 महीना) और देवांश (4 साल) को पुरस्कार
प्रदान किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य
बच्चों के समग्र पोषण और कुपोषण की रोकथाम के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

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