नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। दिगंबर जैन मंदिर आनंदपुरी में आर्यिका पूर्णमति माताजी द्वारा रचित णमोकार महामंडल विधान धूमधाम से संपन्न हुआ। सर्वप्रथम भगवान श्री शांतिनाथ भगवान को पांडुकशिला पर विराजमान कर अभिषेक तथा शांति धारा की गई।
तत्पश्चात देव शास्त्र गुरु, महावीर भगवान की पूजा की गई। उसके बाद णमोकार महामंडल विधान किया गया, जिसमें मांडले पर 200 अर्घ समर्पित किए गए। सभी बीजा अक्षरों पर अर्घ चढ़ाए गए। णमोकार महामंत्र ऐसा मंत्र है, जिसका प्रत्येक जैन पूरे विश्व में प्रतिदिन कई कई बार पाठ करता है। यह अनादि निधन मंत्र है, इस मंत्र के अंतर्गत सभी तीर्थंकरों को महापुरुषों को राम महावीर जैसी महान शक्तिशाली आत्माओं को याद किया जाता है। इस मंत्र का जाप करने से आदमी को स्वास्थ्य लाभ मानसिक लाभ और हर तरह की समस्या को दूर करने में सहायता मिलती है। सभी क्रियाएं अरुण जैन द्वारा संपन्न कराई गई। शाम को सामूहिक आरती की गई। इन सभी कार्यक्रम सुनील जैन प्रवक्ता, चैतन्य जैन, सत्येंद्र जैन, प्रभात जैन आदि ने सहयोग किया।
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