विश्वास राणा
नित्य संदेश, मेरठ। ब्रिटिश संसद में विकसित भारत 2047 के उपलक्ष्य पर 18 सिंतबर को एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें हिमाचल प्रदेश और Meerut se से पहली बार किसी को अतिथि के रूप में अमंत्रित किया गया। यह निमंत्रण पत्र यूनाईटड किंगडम के हाउस of lords से लॉर्ड रामी रेंजर की ओर से प्राप्त हुआ।
यह पहला मौका है कि डॉ. विवेक सिंह (चांसलर) अर्नी विश्वविद्यालय को भारत के भविश्य जैसे अहम् मुद्दे पर व्याख्यान के लिए ब्रिटिष संसद में आंमत्रित किया गया। जिसमें ब्रिटेन के कई मंत्री भी षामिल रहे। डॉ. विवेक सिंह ने अपने प्रोत्साहित शब्दों से भारतीय शिक्षा व्यवस्था, उसकी गहराई और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को वैष्विक मंच पर पेष किया, जिससे भारत की छवि के साथ साथ हिमाचल प्रदेश की छवि और भी मजबूत हुई है । उन्होनंे भारत 2047 के रूवरूप को रेखाकिंत करते हुए कहा कि भारत कभी अत्यंत समृद्वषाली और खुषहाल देष था।
सैकड़ों वर्शो तक गुलाम रहने के बावजूद भी भारत देष अपनी संस्कृति और सभ्यता को नहीं भूला एवं आर्थिक व सामाजिक रूप से वैष्विक स्तर पर अपने सदृढ़ पहचान बनाई है। आज भारत देष में 1,113 विष्वविद्यालय, 43,796 कालेजो और 4.33 करोड़ छात्रों के साथ हम आगे बढ़ रहे है।
डाॅ. विवेक सिंह (चांसलर) ने सभी को सम्बोधित करते हुए कहा कि अर्नी विष्वविद्यालय सदैव ही देश के युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोतसाहित करती रही है। विभिन्न प्रकार की चुनौतियों को पार करते हुए अर्नी विष्वविद्यालय प्रगति की ओर अग्रसर है। अर्नी विष्वविद्यालय हमेषा से उच्च षिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल और देष के विद्यार्थियों को नए-नए अवसर प्रदान कर रहा है।
इस अवसर पर डाॅ. विवेक सिंह (चांसलर) ने यूनाईटड किंगडम के लॉर्ड रामी रेंजर cbe का हिमाचल प्रदेष का प्रतिनिधित्व का अवसर प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया एव समस्त अर्नी परिवार को इस गौरवानवित क्षण के लिए बधाई दी।
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