Friday, October 9, 2026

IDA के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन: कहा-हमसे 14 लाख लिए, भाजपा को मुफ्त में दिया

नवीन मौर्य

नित्य संदेश, इंदौर। इंदौर विकास प्राधिकरण परिसर में कांग्रेस के द्वारा शुक्रवार शाम को जोरदार प्रदर्शन किया गया इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे की अगुवाई में जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े सहित कांग्रेस के कई नेता इस प्रदर्शन में शामिल हुए जहां आरोप लगाया गया कि इंदौर विकास प्राधिकरण यानी के ida के द्वारा राहुल गांधी की छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान ग्राउंड के लिए 14 लख रुपए लिए गए थे वहीं बीते दिन बीजेपी के एक कार्यक्रम को लेकर प्राधिकरण के विजयनगर के ग्राउंड को लेकर किसी तरह की राशि नहीं ली गई या कितनी राशि ली गई इसका जवाब भी मांगा गया। इस दौरान बड़ी-बड़ी से कई कांग्रेसी नेताओं ने अपना उद्बोधन दिया और भाजपा सरकार और इंदौर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों पर जमकर निशाना साधा, काफी समय तक नारेबाजी के बाद इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ परीक्षित झाडे कांग्रेस नेताओं के बीच पहुंचे जहां उनसे कांग्रेसियों ने संवाद किए और तमाम आरोपों के साथ सवाल पूछे जिसके जवाब अधिकारी द्वारा दिए गए। इसके साथ ही कांग्रेसियों ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का पुतला दहन भी किया और जमकर नारे लगाए।

इंदौर में मैदान आवंटन को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस के कार्यकर्ता इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के कार्यालय में प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने बताया कि हमें मैदान पर हुए कार्यक्रमों की अनुमति की रसीद नहीं मिलेगी, तब तक हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा।


वहीं, पार्षद राजू भदौरिया ने कहा कि आईडीए सीईओ पर भाजपा की चर्बी चढ़ गई है। भाजपा की चर्बी चढ़ गई है। वे इसे उतार लें। हमारी सरकार आने वाली है।


कांग्रेस का आरोप है कि राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के लिए जिस मैदान का किराया 14 लाख रुपए से अधिक लिया गया, उसी प्राधिकरण ने विजय नगर में भाजपा के कार्यक्रम के लिए जमीन मुफ्त उपलब्ध करा दी।


कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया है कि भाजपा के आयोजन के लिए क्या कोई शर्त या शुल्क लिए क्या कोई शर्त या शुल्क तय किया था।


शुल्क निर्धारण का आधार भी स्पष्ट होना चाहिए.. 

शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में कार्यकर्ता शुक्रवार दोपहर IDA कार्यालय पहुंचकर सीईओ का घेराव कर रहे हैं। कांग्रेस की मांग है कि दोनों आयोजनों के लिए जमीन आवंटन की अनुमति, किराए की राशि और लागू शर्तों का ब्योरा सार्वजनिक किया जाए। पार्टी का कहना है कि सार्वजनिक जमीन के आवंटन में सभी आयोजूनों के लिए नियम समान आयोजनों के लिए नियम समान होने चाहिए और शुल्क निर्धारण का आधार भी स्पष्ट होना चाहिए।


40 दिन के पटाखा बाजार का किराया भी सवालों में

विवाद सिर्फ राजनीतिक आयोजनों तक सीमित नहीं है। पिपल्याराव स्थित रीजनल पार्क के सामने भारत जोड़ो मैदान पर थोक पटाखा बाजार के लिए 41 अस्थायी दुकानें बनाई जा रही हैं। यहां जनरेटर रूम, लाइट, टावर और पार्किंग की व्यवस्था प्ररस्ताव्त है।


जानकारी के मुताबिक दुकानों का निर्माण शुरू हो चुका है, लेकिन IDA ने अब तक किराए की अंतिम राशि तय नहीं की है और आधिकारिक डिमांड नोट भी जारी नहीं किया है। इस बीच बाजार के लिए 5 से 7 लाख रुपए किराया होने की चर्चा है।


पटाखा व्यापारी एसोसिएशन ने फिलहाल प्रत्येक दुकान लगाने वाले व्यापारी से एक-एक लाख रु. जुटने को कहा है।  इसमें दुकान निर्माण, मैदान का किराया, बिजली, सुरक्षा और अन्य खर्च शामिल बताए जा रहे हैं।


कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि 3-4 दिन के आयोजन के लिए 14 लाख रुपए से अधिक शुल्क लिया गया, तो करीब 40 दिन चलने वाले व्यावसायिक बाजार के लिए किराया किस आधार पर तय होगा।


भाजपा के आयोजन में कौन-सी शर्तें लागू हुईं?...

कांग्रेस ने विजय नगर में 7 अक्टूबर को सेवा संकल्प अभियान के तहत हुए भाजपा के कार्यक्रम के लिए उपलब्ध कराई गई जमीन का हिसाब भी मांगा है। पार्टी जानना चाहती है कि इस आयोजन के लिए IDA ने कितनी राशि ली, क्या कोई शुल्क माफ किया गया और मैदान के उपयोग को लेकर आयोजकों पर कौन-सी शर्तें लागू थीं।


कांग्रेस ने पिछले साल और इस साल के पटाखा बाजार के आवंटन, शुल्क और खर्च का विवरण भी सार्वजनिक करने की मांग की है। पार्टी ने आशंका जताई है कि शुल्क निर्धारण में अंतर या प्रक्रिया में अनियमितता होने से शासन को राजस्व का नुकसान हो सकता है। हालांकि, भाजपा के कार्यक्रम को जमीन मुफ्त दिए जाने और आवंटन में नियमों की अनदेखी होने के आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।


कांग्रेस का कहना है कि IDA को सभी आयोजनों के लिए आवंटन की शर्तें और शुल्क सार्वजनिक करने चाहिए।अब प्राधिकरण के जवाब से स्पष्ट होगा कि अलग-अलग आयोजनों के लिए किराया और नियम किस आधार पर तय किए गए।


सीईओ बोले- शासन का कार्यक्रम था, आईडीए के सीईओ परिक्षित झाड़े ने बताया कि 7 अक्टूबर को विजय नगर में आईडीए की जमीन पर हुआ आयोजन भाजपा का नहीं था। वह शासन का कार्यक्रम था, इसलिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया है।


वहीं, रीजनल पार्क में 19 सितंबर को हुए आयोजन के लिए अनुमति के हिसाब से ही राशि ली गई है। पटाखा व्यापारियों ने दुकान लगाने के लिए अनुमति मांगी है।

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