Saturday, October 10, 2026

धरना स्थल पर पहुंचे डीएम-एसएसपी, किसानों ने स्थगित किया प्रदर्शन

नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। जिलाधिकारी कार्यालय पर भारतीय किसान यूनियन (अनुराग चौधरी गुट) का चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शनिवार रात प्रशासन से वार्ता के बाद स्थगित हो गया। 

रात करीब 8:30 बजे वार्ता के उपरांत जिलाधिकारी वी.के. सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बी.बी.जी.टी.एस. मूर्ति स्वयं किसानों के बीच पहुंचे और ज्ञापन लिया। आश्वासन के बाद किसानों ने धरना स्थगित कर दिया। देर रात तक किसान कलेक्ट्रेट परिसर में ही भोजन करते रहे। जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी एडवोकेट के नेतृत्व में किसानों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को अलग-अलग ज्ञापन सौंपे।

राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन : SIR में नाम कटने पर निष्पक्ष जांच की मांग
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को प्रेषित ज्ञापन में BKU ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में बड़े पैमाने पर पात्र मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगाया है।ज्ञापन में कहा गया है कि भारत का लोकतंत्र केवल चुनाव कराने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को समान राजनीतिक अधिकार देने की संवैधानिक व्यवस्था है। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटता है तो उसका प्रभाव केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसकी लोकतांत्रिक भागीदारी पर भी पड़ता है।

संघ ने मांग की है कि -
1. हटाए गए नामों और अपनाई गई प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच हो। 
2. गलत तरीके से हटाए गए नामों को समयबद्ध तरीके से वापस जोड़ा जाए। 
3. राज्यवार, जिलावार हटाए गए नामों का विवरण सार्वजनिक किया जाए। 
4. वंचित वर्गों - किसान, मजदूर, आदिवासी, दलित, पिछड़ों के मताधिकार की विशेष सुरक्षा हो। 
संगठन ने स्पष्ट किया कि यह ज्ञापन किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि निष्पक्ष निर्वाचन व्यवस्था की रक्षा के लिए है।

मुख्यमंत्री से मांग : गन्ना मूल्य 600 रुपये घोषित हो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गए दूसरे ज्ञापन में किसानों ने कहा कि पिछले वर्ष गन्ना उत्पादन बेहद कम रहा है, रोग-बीमारी बढ़ी है और लागत अधिक आ रही है। गन्ना विभाग द्वारा 33 प्रतिशत ढुलाई किराया बढ़ोतरी से किसान को आर्थिक हानि हुई है। इसलिए पेराई सत्र शुरू होने से पहले गन्ना मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित कर किसानों को राहत दी जाए।

20 सूत्रीय स्थानीय मांग पत्र भी सौंपा
इसके अलावा किसानों ने 20 सूत्रीय स्थानीय मांग पत्र भी सौंपा, जिसमें जिरौली, पबत्ता, बटौमा तालाब, गगोल मार्ग, स्वास्थ्य केंद्र, नाली-खड़ंजा, जाति-मूल-आय प्रमाण पत्र, हाउस टैक्स, कनेक्शन नाम बदलना, स्कूल भवन, आवास सर्वे और DIOS से संबंधित समस्याएं शामिल हैं।

जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने बताया कि प्रशासन ने सभी बिंदुओं पर जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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