-सिर्फ क्रांति की धरती नहीं, विकास क्रांति की धरती बन गया है अब मेरठ
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। कभी गन्ने के खेतों और कैंची वाली कैंची बाजार के लिए मशहूर मेरठ अब
रफ्तार का शहर बन रहा है। फरवरी में मेट्रो की सीटी बजी, तो सितंबर में डबल डेकर
बस का हॉर्न। कह सकते हैं, मेरठ अब सिर्फ क्रांति की धरती नहीं, विकास क्रांति की
धरती बन गया है।
भैंसाली बस अड्डे पर जब पहली बार नीले-हरे रंग की चमचमाती डबल डेकर बस पहुंची,
तो भीड़ लग गई। बच्चे उंगली से इशारा कर बोले- "पापा, ये तो लंदन वाली
बस!" बुजुर्ग मुस्कुराए, युवाओं ने तुरंत मोबाइल निकालकर सेल्फी ले ली। तीन दिन
पहले शुरू हुई सेवा लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई है। उत्तर प्रदेश राज्य
सड़क परिवहन निगम ने इस रूट पर फिलहाल दो डबल डेकर इलेक्ट्रिक बसें चलाई हैं।
फिलहाल इनका ट्रायल चल रहा है, बैटरी की क्षमता के हिसाब से फेरे बढ़ाए
जाएंगे। ये कोई आम बस नहीं है। पूरी तरह वातानुकूलित है। ऊपर-नीचे मिलाकर 65
सीटों की व्यवस्था है और हर सीट पर मोबाइल चार्जिंग पॉइंट दिया गया है। यानी सफर
में फोन बंद होने की टेंशन खत्म। इन बसों का संचालन नोएडा के सिटी सेंटर
मोरना इलेक्ट्रिक डिपो से हो रहा है।
नोएडा से रवाना होती है बस
पहली बस सुबह 6 बजे सिटी सेंटर नोएडा से मेरठ के लिए रवाना होती है। जो दिल्ली-मेरठ
एक्सप्रेसवे, सिद्धार्थ विहार (गाजियाबाद), दुहाई, मोदीनगर, परतापुर (मेरठ), रिठानी,
शॉप्रिक्स मॉल, भैंसाली बस अड्डा, बेगमपुल और मोदीपुरम तक जा रही है। सिटी
सेंटर नोएडा से मोदीपुरम तक 78 किलोमीटर की दूरी का किराया सिर्फ 124 रुपये तय
किया गया है।
इन्होंने कहा
इस संबंध में वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजेश कुमार त्यागी के मुताबिक, ये बसें
पर्यावरण के लिए भी बेहतर हैं, क्योंकि ये इलेक्ट्रिक हैं और शहर के प्रदूषण को कम
करने में मदद करेंगी।

No comments:
Post a Comment