Sunday, October 11, 2026

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर एएसएमसी ललितपुर में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश


 

मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण, समय पर परामर्श से संभव है बेहतर जीवन


नित्य संदेश ब्यूरो

ललितपुर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (एएसएमसी), ललितपुर द्वारा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा लोगों को मानसिक समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य को स्वस्थ जीवन का अभिन्न अंग बताते हुए लोगों से अपनी मानसिक एवं भावनात्मक सेहत का ध्यान रखने की अपील की गई।


चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान समय में तनाव, चिंता, अवसाद, अनिद्रा तथा अन्य मानसिक समस्याएं तेजी से सामने आ रही हैं। पढ़ाई, रोजगार, पारिवारिक जिम्मेदारियों और बदलती जीवनशैली के कारण उत्पन्न मानसिक दबाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती हैं और समय पर पहचान तथा उचित उपचार से इनमें सुधार संभव है। महाविद्यालय की ओर से लोगों को जागरूक करते हुए बताया गया कि मानसिक परेशानी होने पर परिवार के सदस्यों एवं विश्वसनीय लोगों से बातचीत करना, नियमित व्यायाम करना, पर्याप्त नींद लेना, संतुलित आहार अपनाना तथा अपनी दिनचर्या व्यवस्थित रखना लाभकारी हो सकता है। 


मानसिक समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार करना चाहिए तथा उन्हें किसी प्रकार के भेदभाव या उपेक्षा का सामना नहीं करना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए। विशेषज्ञों ने यह भी संदेश दिया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को कमजोरी या शर्म का विषय न समझें। यदि लंबे समय तक उदासी, अत्यधिक चिंता, चिड़चिड़ापन, नींद में बदलाव अथवा दैनिक गतिविधियों में रुचि कम होने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो योग्य चिकित्सक या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।


प्रधानाचार्य डॉ. मयंक शुक्ला के नेतृत्व में महाविद्यालय द्वारा जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को प्रोत्साहित करने के प्रयासों के क्रम में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित किया गया। संदेश दिया गया कि मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति ही बेहतर पारिवारिक, सामाजिक और व्यावसायिक जीवन जी सकता है।


संदेश: मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल करें, जरूरत पड़ने पर सहायता लें और दूसरों के प्रति संवेदनशील रहें। मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना ही जागरूक एवं स्वस्थ समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


No comments:

Post a Comment