-रैली, प्रभातफेरी, नाटक और खेल प्रतियोगिताओं के साथ अभिभावकों और ग्राम समुदाय को भी जोड़ा जाएगा
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। बच्चों की पढ़ाई और स्कूल की गतिविधियों में अब गांव की भागीदारी बढ़ाने
की तैयारी है। नवंबर में जिले के 25 पीएमश्री विद्यालयों में ‘मेरा गांव-मेरा
विद्यालय’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें अभिभावकों के साथ ग्राम पंचायत
प्रतिनिधि, विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षक और
क्षेत्र के अन्य प्रभावशाली लोगों को जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों की
शिक्षा, नियमित उपस्थिति, नामांकन और आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए विद्यालय और
समुदाय के बीच मजबूत तालमेल तैयार करना है।
प्रदेश सरकार द्वारा गांव के निवासियों और सामुदायिक भावनाओं को
शिक्षा।व्यवस्था से जोड़ने के लिए 1,565 पीएमश्री विद्यालयों में यह कार्यक्रम
आयोजित किया जाएगा। इसके लिए कुल 46.95 लाख रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया
है। इस आयोजन के माध्यम से समुदाय को विद्यालय की गतिविधियों और समग्र शिक्षा से
जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। इससे अभिभावक बच्चों की पढ़ाई और स्कूल की
शैक्षिक गतिविधियों में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे। पीएमश्री स्कूलों में
कार्यक्रम को लेकर रैली और प्रभातफेरी निकाली जाएगी। विद्यार्थियों के लिए नाटक,
कहानी-वाचन और खेल प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। पोस्टर व कलाकृति प्रदर्शनी के जरिए
बच्चों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों, अभिभावकों
और ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने के लिए हस्ताक्षर अभियान और सेल्फी प्वाइंट भी
बनाए जाएंगे। विद्यालय में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को कार्यक्रम
के दौरान अतिथियों के हाथों सम्मानित किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों में
उपलब्धि के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाना है।
आगे की पढ़ाई के लिए प्रेरित होंगे बच्चे
कार्यक्रम में बाल अधिकारों को लेकर भी जागरूकता अभियान चलेगा। हस्ताक्षर
अभियान के माध्यम से अभिभावकों और ग्रामीणों को बच्चों के अधिकार, शिक्षा और
संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही कक्षा पांच, आठ और 10 के
विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में नामांकन के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि पढ़ाई
बीच में छूटने की स्थिति कम हो और बच्चे आगे की शिक्षा से जुड़े रहें। कार्यक्रम
में सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी और क्षेत्र के अन्य प्रभावशाली लोगों की
भागीदारी भी होगी। विद्यालय की गतिविधियों और शिक्षा संबंधी योजनाओं की जानकारी
साझा कर समुदाय को स्कूल के विकास से जोड़ने पर जोर रहेगा।
ये कहना है बीएसए का
बेसिक शिक्षा अधिकारी आशा चौधरी ने बताया कि ‘मेरा गांव-मेरा विद्यालय’ के
माध्यम से पीएमश्री स्कूलों को स्थानीय समुदाय से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
अभिभावकों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से बच्चों की शिक्षा, नियमित उपस्थिति
और आगे की पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा। कार्यक्रम विद्यार्थियों की
प्रतिभा को मंच देने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने का भी माध्यम
बनेगा।

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