नित्य संदेश, इंदौर। ग़ज़ल की महक जब ज़ेहन ओ दिल पर तारी होती है तो इक अलग रूहानी दुनिया में होने का अहसास होता है, कल रविवार की दुपहरी भी कुछ ऐसी ही करिश्माई थी, मौका था बेहद मक़बूल अदबी संस्था " परवाज़ ए ग़ज़ल " के ज़ेरे एहतिमाम (तत्वावधान में) मुनक़्क़ीद शे'री निशस्त का जो साहित्यिक संस्था " समाज सेवा प्रकोष्ठ " के आत्मीय सहयोग से एक निजी परिसर में आयोजित की गई थी। परवाज़ ए ग़ज़ल की इस शानदार निशस्त की सदारत इंदौर शहर के बुज़ुर्ग शाइर जनाब बालकराम शाद साहब ने एवं उम्दा निज़ामत शायर जनाब हिमांशु व्यास ने की।
इस अदबी बज़्म ( साहित्यिक आयोजन ) के मुख्य अतिथि { मेहमान ए ख़ुसुसी } प्रकोष्ठ के मानद सदस्य श्री तिवारी जी थे।
इस मौके पर परवाज़ ए ग़ज़ल इंदौर इकाई के सचिव जनाब विमल कुमार विमल का जन्मदिवस भी संस्था के सदस्यों द्वारा हर्ष- उल्लास से मनाया गया। संस्था की और से शाइर डॉ. वासिफ़ काज़ी ने विमल कुमार का पुष्प माला से अभिनन्दन किया।
अदबी निशस्त में संस्था के सदस्यों श्री रवि खंडेलवाल, ओमप्रकाश जोशी बब्बु, हरजीत सिंह भाटिया, डॉ. अजय ढींगरा, डॉ. रवि जैन आतिश, डॉ. वासिफ़ काज़ी, सुरेंद्र व्यास सरल, विमल कुमार विमल, शाइरा राखी जैन, शैली भागवत ने बेहतरीन ग़ज़ल पाठ कर निशस्त को यादगार बना दिया। इस मौके पर परवाज़ ए ग़ज़ल इंदौर के अध्यक्ष आदरणीय विकास जोशी वाहिद सर ने अपनी लाजवाब ग़ज़लों से महफ़िल लूट ली , हर ग़ज़ल का इक इक शे'र बेमिसाल था।
निशस्त में पहली बार तशरीफ़ लाये इंदौर शहर के प्रसिद्ध ऑनकोलोजिस्ट डॉ. आलोक मोदी जी ने भी बह्र में ग़ज़ल पढ़कर तारीफ़ बटोरी... डॉ. वासिफ़ काज़ी, हिमांशु व्यास, हरजीत भाटिया, बालकराम शाद साहब ने चुनिंदा ग़ज़लें पढ़कर माहौल को बेहतरीन बना दिया। इस अवसर पर संस्था के सदर विकास जोशी ने संस्था के नियमों से भी समस्त सदस्यों को अवगत कराते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। परवाज़ ए ग़ज़ल की अदबी निशस्त में संस्था समाज सेवा प्रकोष्ठ के मानद सदस्यों श्री सुरेश रायकवार, तिवारी जी,राजेंद्र गुप्ता जी एवं के एल शर्मा जी ने भी सार्थक रचनाएं पढ़ कर आयोजन को सफ़ल बनाया।
परवाज़ ए ग़ज़ल की इक और आलातरीन अदबी महफ़िल बेहद शानदार तरीके से मुक़म्मल हुई ... संस्था के राष्ट्रीय संस्थापक श्री अजय अज्ञात जी ने सभी को मुबारकबाद पेश की।

No comments:
Post a Comment