नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। देवबंद सड़क हादसे में कुशावली गांव के चार लोगों की मौत के बाद सोमवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आर्थिक मदद न मिलने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने अटेरना पुल के निकट कांवड़ मार्ग पर जाम लगाकर सरकार और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
ग्रामीणों का आरोप है कि अंतिम संस्कार के बाद किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने पीड़ित परिवारों की सुध नहीं ली। ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और घायलों को 10-10 लाख की मदद की मांग की। कुशावली निवासी अमन, सागर, सतेंद्र और बिल्लू मां शाकंभरी देवी के दर्शन कर लौट रहे थे, तभी देवबंद में हादसे का शिकार हो गए थे।
सूचना पर करीब दो घंटे बाद विधायक अतुल प्रधान धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने अपनी ओर से मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये देने और घायलों के इलाज में सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि वह यह मामला पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सामने भी रखेंगे। जाम के दौरान पुलिस से ग्रामीणों की नोकझोंक भी हुई।

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