Monday, September 28, 2026

मेरठ दक्षिण में SIR के बाद वोटों में भारी कमी पर गादरे के तीखे सवाल

आबादी बढ़ रही है तो मतदाता घट क्यों गए? जनता को बूथवार हिसाब चाहिए” — राजुद्दीन गादरे

नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। विधानसभा क्षेत्र 49 मेरठ दक्षिण में SIR के बाद मतदाता सूची में हुई बड़ी कमी ने पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पहले करीब 5.10 लाख मतदाता दर्ज थे, जबकि अंतिम सूची में संख्या घटकर करीब 3.92 लाख रह गई—अर्थात लगभग 1.18 लाख नाम कम हुए।

इस पर बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं प्रदेश प्रभारी दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश तथा पूर्व प्रत्याशी मेरठ दक्षिण-49 राजुद्दीन गादरे ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सूची से बड़ा कोई दस्तावेज नहीं है, क्योंकि इसी सूची के आधार पर नागरिक अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग करता है।

गादरे ने सवाल उठाया—
“जब क्षेत्र की आबादी लगातार बढ़ रही है, नए युवा 18 वर्ष के हो रहे हैं और नए मतदाता जुड़ने चाहिए, तो फिर इतनी बड़ी संख्या में नाम कम कैसे हो गए?* कितने नाम किस कारण से हटाए गए और कितने नए नाम जोड़े गए—इसका बूथवार सार्वजनिक हिसाब जनता को क्यों नहीं दिया जा रहा?”

उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम यदि तकनीकी या सत्यापन संबंधी कारण से सूची से हट गया है, तो उसे सुधारने और पुनः जोड़ने की स्पष्ट व्यवस्था और जानकारी जनता तक पहुंचनी चाहिए। साथ ही जिन नामों को हटाया गया है, उनके कारणों का पारदर्शी रिकॉर्ड उपलब्ध होना चाहिए।

“सवाल किसी व्यक्ति का नहीं, लोकतंत्र की विश्वसनीयता का है”
गादरे ने कहा, “हम बिना प्रमाण किसी संस्था पर चोरी या षड्यंत्र का आरोप नहीं लगा रहे। लेकिन इतने बड़े बदलाव पर सवाल पूछना जनता का अधिकार है। चुनाव आयोग और प्रशासन को बताना चाहिए कि मेरठ दक्षिण में कितने नाम हटे, कितने जुड़े और प्रत्येक नाम हटाने का कारण क्या था।”
उन्होंने मांग की कि 49 मेरठ दक्षिण के प्रत्येक बूथ का पहले और अंतिम मतदाता रिकॉर्ड सार्वजनिक रूप से मिलाया जाए, ताकि जनता स्वयं देख सके कि कहां कितने नाम घटे और कितने नए मतदाता जुड़े।

गादरे ने कहा, “जनता के टैक्स से संवैधानिक संस्थाएं चलती हैं। इसलिए जनता को अपने मताधिकार से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। लोकतंत्र में भरोसा तभी मजबूत होगा जब मतदाता सूची की हर प्रक्रिया पारदर्शी होगी।” उन्होंने कहा कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम SIR के दौरान छूट गया है, तो राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों को मिलकर ऐसे नागरिकों को निर्धारित दावा-आपत्ति एवं सुधार प्रक्रिया की जानकारी देनी चाहिए।

गादरे का सीधा सवाल:
“मेरठ दक्षिण में 1.18 लाख नाम कम होने का बूथवार हिसाब जनता के सामने कब आएगा?”
— राजुद्दीन गादरे

राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं प्रदेश प्रभारी दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश
बहुजन मुक्ति पार्टी
पूर्व प्रत्याशी, मेरठ दक्षिण विधानसभा क्षेत्र-49

No comments:

Post a Comment