NATS और AEDP से जुड़ेंगे विद्यार्थी उद्योगों से, 43 कंपनियों के 81 प्रतिनिधियों समेत 100 से अधिक शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
मितेंद्र कुमार गुप्ता
नित्य संदेश, मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय एवं बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (उत्तरी क्षेत्र) कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को अटल सभागार में “इंडस्ट्री–इंस्टीट्यूट मीट ऑन नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (NATS) एंड अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP)” का आयोजन किया गया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों और उद्योगों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों को प्रशिक्षण, पेड अप्रेंटिसशिप तथा रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना रहा।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला को अचानक एक आवश्यक बैठक में सम्मिलित होना पड़ा, जिसके कारण वे मुख्य कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सकीं। हालांकि उन्होंने BOAT/NATS के प्रतिनिधिमंडल से विशेष रूप से भेंट की। उनकी गरिमामयी उपस्थिति में विश्वविद्यालय और BOAT/NATS के मध्य समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। कुलपति ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को उद्योगों से जोड़ने तथा कौशल एवं रोजगारपरक उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने की इस पहल को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में प्रो. बीर पाल सिंह, शोध निदेशक, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय; प्रो. भूपेंद्र सिंह, कुलसचिव; विवेक कुमार, निदेशक, BOAT (NR); प्रो. एम.के. गुप्ता, निदेशक रैंकिंग एवं पूर्व प्रति-कुलपति; प्रो. के.के. शर्मा, नोडल अधिकारी AEDP; प्रो. दिनेश सी. शर्मा, अध्यक्ष, प्राणी विज्ञान विभाग; नवीन कुमार पाठक एवं सुनील कुमार, सहायक निदेशक NATS सहित विश्वविद्यालय, उद्योग एवं विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का स्वागत एवं बैठक की रूपरेखा प्रो. दिनेश सी. शर्मा ने प्रस्तुत की। इसके बाद नवीन कुमार पाठक, सहायक निदेशक, BOAT (NR) ने NATS अप्रेंटिसशिप योजना पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए विद्यार्थियों, शिक्षण संस्थानों एवं उद्योगों के लिए इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। विवेक कुमार, निदेशक, BOAT (NR) ने NATS के अंतर्गत Apprenticeship Embedded Degree Programme (AEDP) की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा को उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़कर विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण और वास्तविक कार्य अनुभव उपलब्ध कराया जा सकता है।
43 उद्योगों के 81 प्रतिनिधियों ने किया प्रतिभाग
सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता शिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच हुआ सीधा संवाद रहा। प्रश्नोत्तर सत्र एवं वन-टू-वन एकेडमिया–इंडस्ट्री इंटरेक्शन के दौरान महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने विभिन्न उद्योगों से सीधे चर्चा की। उद्योग प्रतिनिधियों ने NATS के माध्यम से परंपरागत पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भी पेड अप्रेंटिसशिप एवं प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराने में सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में 43 उद्योगों के 81 प्रतिनिधियों तथा विभिन्न महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से 100 से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता की। प्रमुख उद्योगों एवं संस्थानों में Akums Drugs & Pharmaceuticals Ltd., Padget Electronics Ltd., Indian Oil Corporation Limited (IOCL), Motherson Sumi Wiring India Ltd., ONGC, JBM Auto Limited, Uttarakhand Power Corporation Limited तथा ADRDE-DRDO, Agra सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थान शामिल रहे।
NATS से सफलता पाने वाले पूर्व विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में NATS के माध्यम से सफलता प्राप्त करने वाले पूर्व विद्यार्थियों की प्रेरक यात्रा भी साझा की गई। शिवम कुमार, असिस्टेंट इंजीनियर, Motherson Sumi Wiring India Limited; प्रद्युम्न, ऑफिसर, Akums Drugs & Pharmaceutical Ltd.; तथा शुभम कुमार, असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव, Akums Drugs & Pharmaceutical Ltd. ने अपने अनुभव साझा किए और विद्यार्थियों के लिए NATS के माध्यम से उपलब्ध करियर संभावनाओं को रेखांकित किया। उद्योग जगत की ओर से भी केस स्टडी एवं अनुभव प्रस्तुत किए गए। अमित कुमार श्रीवास्तव, मैनेजर–कॉरपोरेट HR, Akums Drugs & Pharmaceutical Ltd. तथा ज्योति कुमारी, सीनियर मैनेजर (ER), Northern Region Office, Indian Oil Corporation Limited सहित उद्योग प्रतिनिधियों ने अप्रेंटिसशिप के व्यावहारिक पक्ष और उद्योगों की अपेक्षाओं पर विचार साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान प्रो. बीर पाल सिंह, प्रो. भूपेंद्र सिंह, विवेक कुमार, प्रो. एम.के. गुप्ता तथा अन्य विश्वविद्यालय एवं BOAT/NATS अधिकारियों ने उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच निरंतर संवाद एवं सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मेलन में हुए सकारात्मक संवाद के फलस्वरूप उद्योग प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण एवं पेड अप्रेंटिसशिप के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सहयोग का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम के अंत में प्रो. के.के. शर्मा, नोडल अधिकारी AEDP, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन ज्योति शर्मा ने किया।
यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप उच्च शिक्षा को कौशल, उद्योग-अनुभव, अप्रेंटिसशिप और रोजगार से जोड़ने की दिशा में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण पहल है। विश्वविद्यालय और BOAT/NATS के बीच हुआ MoU, 43 उद्योगों की सहभागिता तथा शिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत के बीच हुआ सीधा संवाद आने वाले समय में विद्यार्थियों के लिए पेड ट्रेनिंग, अप्रेंटिसशिप और रोजगार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा।

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