Wednesday, September 23, 2026

पुराने वाहनों को जबरन उठाने का विरोध, अधिवक्ताओं ने आरटीओ को सौंपा ज्ञापन

 


NCR से बाहर वाहन भेजने या अन्य जनपद में बेचने का विकल्प देने की मांग


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। परिवहन विभाग द्वारा पुराने वाहनों को घरों के अंदर और सड़क किनारे से जबरन उठाकर स्क्रैपिंग सेंटर भेजने के विरोध में पश्चिमी उत्तर प्रदेश युवा अधिवक्ता एसोसिएशन ने मंगलवार को आरटीओ कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन के संस्थापक महामंत्री राम कुमार शर्मा एडवोकेट के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने आरटीओ अनिता सिंह, आरटीओ प्रवर्तन अमरेश कुमार तथा एआरटीओ सुधांशु रंजन से मुलाकात कर वाहन स्वामियों की समस्याएं रखीं।


ज्ञापन में कहा गया कि मेरठ के पुराने एवं घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मकानों में पर्याप्त पार्किंग नहीं है, इसलिए लोग वाहन घरों के बाहर सड़क किनारे खड़े करने को विवश हैं। ऐसे वाहनों को बिना पूर्व सूचना, बिना BS उत्सर्जन मानक की जांच और बिना सुनवाई का अवसर दिए उठाना उचित नहीं है। राम कुमार शर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के नाम पर मनमानी नहीं होनी चाहिए। कार्रवाई से पहले वाहन का ईंधन प्रकार, प्रथम पंजीकरण तिथि, BS मानक, प्रदूषण प्रमाणपत्र और पंजीकरण की स्थिति की जांच जरूरी है।


प्रमुख मांगें -

एसोसिएशन ने मांग की कि वाहन स्वामियों को सीधे स्क्रैप के लिए बाध्य करने के बजाय व्यावहारिक विकल्प दिए जाएं। जिन वाहनों का दिल्ली-NCR में संचालन प्रतिबंधित है, उन्हें निर्धारित समय देकर NCR से बाहर भेजने, NOC प्राप्त करने या ऐसे अन्य जनपद में बेचने का अवसर दिया जाए जहां उसका संचालन वैध हो।

घरों के अंदर खड़े वाहनों को उठाने की कार्रवाई रोकी जाए, बाहर खड़े वाहनों को केवल उम्र देखकर जब्त न किया जाए, उठाने से पहले लिखित सूचना दी जाए, BS मानक सत्यापित किया जाए और आपत्ति निस्तारण तक वाहन को स्क्रैप न किया जाए। पूर्व में जब्त वाहनों की पुन: जांच कर नियमानुसार वापस किए जाएं।

राम कुमार शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि जबरन वाहन उठाने की कार्रवाई नहीं रोकी गई तो एसोसिएशन प्रभावित वाहन स्वामियों के हित में न्यायालय की शरण लेने के साथ शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन पर विचार करेगी।

No comments:

Post a Comment