मुकुल कुमार
नित्य संदेश, मेरठ। एक तरफ अवैध निर्माणों को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त रुख अपनाए हुए है, वहीं दूसरी तरफ मेरठ में अवैध निर्माणों को कथित रूप से बढ़ावा देने का खेल जारी है। ताजा मामला मेरठ विकास प्राधिकरण के बी-4 क्षेत्र स्थित रोहटा रोड, ग्राम लखवाया मेन रास्ते का है, जहां 300 गज से अधिक क्षेत्रफल में एक कमर्शियल शोरूम की दूसरी मंजिल पर अवैध निर्माण चलने का आरोप लगाया गया है।
आरोप है कि यह निर्माण काफी समय से चल रहा है, लेकिन मेरठ विकास प्राधिकरण की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्राधिकरण के अभियंता जितेंद्र कुमार की कथित मिलीभगत से यह निर्माण कराया जा रहा है। यह भी आरोप लगाया गया है कि अवैध निर्माण को छिपाने के लिए निर्माणकर्ता द्वारा सामने की ओर प्लाई बोर्ड का बैनर लगाकर उसे ढक दिया गया है, ताकि बाहर से निर्माण दिखाई न दे। आरोप है कि अभियंता द्वारा निर्माणकर्ता को पहले ही इस संबंध में कथित रूप से अवगत करा दिया गया था।
सूत्रों का दावा है कि इस तरह के 20 से अधिक कमर्शियल अवैध निर्माण अभियंता जितेंद्र कुमार के क्षेत्र में कथित आशीर्वाद से फल-फूल रहे हैं, जिन पर प्राधिकरण द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि इस खबर के सामने आने के बाद क्या प्राधिकरण इस चल रहे कमर्शियल शोरूम के कथित अवैध निर्माण पर कोई कार्रवाई करेगा, या फिर इसी तरह मिलीभगत के आरोपों के बीच अवैध निर्माण पनपते रहेंगे।
एक तरफ सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद अवैध निर्माणों पर प्राधिकरण के बुलडोजर चलने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी तरफ ऐसे निर्माणों का जारी रहना भविष्य में कई सवाल खड़े कर सकता है।
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