Monday, September 21, 2026

अनंत चतुर्दशी चल समारोह की व्यवस्थाओं को लेकर झांकी मार्ग का दौरा किया कलेक्टर ने

झांकी एवं अखाड़ा संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित झांकियों में दो से अधिक स्पीकर या डीजे लगाने पर होगी वैधानिक कार्रवाई, डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित


नवीन मौर्य

नित्य संदेश, इंदौर। अनंत चतुर्दशी चल समारोह की व्यवस्थाओं को लेकर आज कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में झांकी एवं अखाड़ा संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में चल समारोह को व्यवस्थित, सुगम और निर्बाध रूप से संपन्न कराने के संबंध में विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।


बैठक में नगर निगम आयुक्त  क्षितिज सिंघल, अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार,  रिंकेश वैश्य सहित पुलिस प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी तथा झांकी एवं अखाड़ा संचालक उपस्थित थे। कलेक्टर  ने कहा कि अनंत चतुर्दशी का चल समारोह इंदौर की गौरवशाली परंपरा है। इसमें झांकियों के साथ अखाड़ों के कलाकार अपनी पारंपरिक कलाओं एवं कौशल का प्रदर्शन करते हैं। समारोह को देखने बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचते हैं। इसलिए ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, जिससे दर्शकों को सुगमता रहे और झांकियों एवं अखाड़ों का आवागमन भी निर्बाध रूप से हो सके।

निर्धारित समय का करना होगा पालन

बैठक में झांकियों और अखाड़ों के लिए निर्धारित समय का अनिवार्य रूप से पालन कराने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि किसी एक झांकी अथवा अखाड़े द्वारा अधिक समय लेने से पीछे आने वाली झांकियों और अखाड़ों का समय प्रभावित होता है। इससे आम नागरिकों को भी सभी झांकियां और अखाड़ों के प्रदर्शन देखने का अवसर नहीं मिल पाता।

इसके लिए मंचों के समक्ष अखाड़ों को निर्धारित समय में ही अपना प्रदर्शन पूरा करना होगा। निर्णायक मंच के समक्ष निर्धारित समय से अधिक प्रदर्शन करने पर निगेटिव मार्किंग एवं अंक काटे जाने की व्यवस्था भी रहेगी।

झांकियों की ऊंचाई और मंचों की चौड़ाई व्यवस्थित रहेगी

बैठक में झांकियों की ऊंचाई को व्यवस्थित रखने तथा मंचों की चौड़ाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने पर भी चर्चा हुई, ताकि चल समारोह के दौरान आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो और दर्शकों को भी झांकियां देखने में सुविधा रहे।

ध्वनि व्यवस्था में दो स्पीकर की सीमा

चल समारोह में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए इस बार प्रत्येक झांकी पर अधिकतम दो स्पीकर लगाने की व्यवस्था तय की गई है। इससे अधिक स्पीकर लगाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह व्यवस्था माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप लागू की जाएगी।


अखाड़ों को प्रोत्साहन के लिए पुरस्कार राशि

बैठक में कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार पारंपरिक खेलों एवं कलाओं को बढ़ावा देने के लिए सहयोग किया जा रहा है। इसी क्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अखाड़ों प्रमाण-पत्र के साथ नगद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। बैठक में सभी झांकी एवं अखाड़ा संचालकों से अपील की गई कि वे निर्धारित नियमों एवं समय-सारणी का पालन करते हुए पूरे उत्साह, अनुशासन और गरिमापूर्ण तरीके से अनंत चतुर्दशी के इस ऐतिहासिक एवं गौरवशाली आयोजन को सफल बनाएं।

झांकियों का क्रम 

बैठक में निर्णय लिया गया कि झांकियों का क्रम पूर्ववत ही रहेगा। झांकियां शाम 6 बजे से प्रारंभ होगी। पहली झांकी श्री खजराना गणेश मंदिर की रहेगी। इसके पश्चात श्री शास्त्री कार्नर नवयुवक मण्डल छोटा गणपति मंदिर चौराहा, इंदौर विकास प्राधिकरण, इंदौर नगर निगम, होप टेक्सटाईल(भण्डारी मिल), कल्याण मिल, मालवा मिल, हुकुमचन्द मिल, स्वदेशी मिल, राजकुमार मिल और स्पूतनिक ट्यूटोरियल एकेडमी की झांकियां निकलेगी।


झांकियों का मार्ग

चल समारोह मिल क्षेत्र से प्रारंभ होकर मजदूर मैदान, भण्डारी मिल श्रम शिविर, देवी अहिल्या मार्ग एम०जी०रोड, कृष्णपुरा, नदलालपुरा, जवाहर मार्ग, नृसिंग बाजार चौराहा, सीतलामाता बाजार, गौराकुण्ड, खजुरी बाजार से राजबाडा होकर वापस अपने मिल में पहुंचेगा । नई झांकी को शामिल नहीं किया जायेगा। 

निर्धारित संख्या में ही रहेंगे वाहन

झांकी एवं अखाडों के साथ निर्धारित संख्या में ही ठेला गाड़ी और अन्य वाहन रहेंगे। कहा गया कि प्रत्येक अखाडे के साथ अधिकतम एक बैलगाड़ी एवं एक ठेला गाड़ी से अधिक वाहन नहीं रहे। यदि असीमित संख्या में घोड़ा गाड़ी, ठेले निकलते है तो उन्हें रोका जायेगा। हाथी, ऊँट आदि को सम्मिलित करने की अनुमति नहीं दी जायेगी। अखाड़े किस झांकी से संबंधित है, इसकी जानकारी सहायक पुलिस आयुक्त द्वारा रखी जायेगी । निर्देश दिए गए कि अखाड़े के सदस्यों द्वारा अखाड़े का नाम अंकित की हुई बनियान, पौषाक, बैज उपलब्ध करवाये जाये, जिससे अखाड़े के सदस्यों को पहचाना जा सकें। अखाड़े के सदस्यों को नियंत्रित करने की जवाबदारी खलीफा / उस्ताद की रहेगी। अखाड़े में सम्मिलित व्यक्तियों द्वारा नशा या मद्यपान चल समारोह के दौरान नहीं किया जाये। यदि कोई व्यक्ति नशा करता हुआ पाया जाता है तो, संबंधित पुलिस अधिकारी द्वारा उसे जुलूस से बाहर करने का अधिकार रहेगा। अखाड़े में धारदार हथियार लेकर चलना वर्जित होगा। अखाड़े के खलीफा तलवार को केवल प्रतीक के रूप में लेकर जुलूस में रहेंगे। अखाड़े में हाकियां या अन्य घातक हथियार किसी के पास पाया गया तो पुलिस द्वारा उसे जप्त किया जाएगा।

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