नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। छात्र-विरोधी और शिक्षा-विरोधी निर्णयों के विरोध में बुधवार को बाहरा क्षेत्र के छात्र नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया।
ज्ञापन में कहा गया है कि हाल ही में यूजीसी द्वारा लिए गए कुछ विवादित फैसलों
के कारण समस्त छात्र समुदाय और विशेष रूप से सवर्ण समाज के छात्रों के भविष्य पर
गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जिससे छात्रों में भारी असंतोष और आक्रोश व्याप्त है। छात्र
प्रतिनिधियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखी। मांग की गई कि यूजीसी द्वारा
हाल ही में लिए गए सभी विवादित फैसलों और आदेशों को बिना शर्त तत्काल वापस लिया
जाए। वर्तमान आरक्षण व्यवस्था की उचित और पारदर्शी तरीके से समीक्षा की जाए। आयु
सीमा में छूट और ईडब्लयूएस वर्ग के प्रावधानों को कम से कम 2-3 वर्ष के लिए वैध
मानते हुए छात्रों को राहत दी जाए।
ज्ञापन में राष्ट्रपति से आग्रह किया गया है कि छात्रों के भविष्य को सुरक्षित
करने के लिए इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र उचित निर्णय लिया जाए। इस
अवसर पर किसान मजदूर संगठन के जिला अध्यक्ष अंशुल तोमर, किसान संगठन के जिला सचिव
सुंदर फौजी, सामाजिक कार्यकर्ता अनंगपाल तोमर, समाजसेवी दिग्विजय तोमर, समाजसेवी
पवनेश तोमर, छात्र नेता आदर्श तोमर, समाजसेवक सोनू शर्मा, अंकित शर्मा, मोनू तोमर,
अतुल तोमर, कर्ण पुंडीर सहित बड़ी संख्या में बाहरा क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे।

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