Monday, September 7, 2026

माटी से युवाओं ने रचा चमत्कार, योगी सरकार देगी पुरस्कार

 


-माटीकला और पारंपरिक कार्यों में नए प्रयोग करने वाले युवा उद्यमियों को मिलेगा सम्मान, 15 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदन


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। परंपरा को आधुनिक सोच से जोड़कर रोजगार और उद्यमिता की नई राह तलाश रहे युवाओं को योगी सरकार प्रोत्साहन देने जा रही है। माटीकला और पारंपरिक कार्यों में नए प्रयोग कर अपनी अलग पहचान बनाने वाले युवा उद्यमियों के लिए मंडल स्तर पर पुरस्कार योजना शुरू की गई है। मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के ऐसे युवा इसमें प्रतिभाग कर सकेंगे। उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवाओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के साथ नकद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इससे पारंपरिक शिल्प को नई पीढ़ी से जोड़ने और युवाओं को अपने काम को बड़े स्तर पर ले जाने का अवसर मिलेगा।


नए प्रयोग करने वाले युवाओं को मिलेगा मंच

उत्तर प्रदेश शासन के दिशा-निर्देश पर जिला ग्रामोद्योग एवं माटीकला विभाग की ओर से प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। जिला ग्रामोद्योग एवं परिक्षेत्रीय प्रभारी अधिकारी मेरठ मंडल मान्या चतुर्वेदी ने बताया कि माटीकला अथवा पारंपरिक कार्यों में नए प्रकार के मॉडल और उत्पाद तैयार करने वाले युवा इसमें प्रतिभाग कर सकते हैं। चयन उनके कार्य और तैयार किए गए मॉडल के आधार पर किया जाएगा।


पहले पुरस्कार के विजेता को मिलेगी 15 हजार की धनराशि

मंडल स्तर पर उत्कृष्ट प्रतिभागियों को तीन पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले युवा को 15,000 रुपये, द्वितीय स्थान पाने वाले को 12,000 रुपये और तृतीय स्थान के लिए 10,000 रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि मिलेगी। योजना का उद्देश्य पारंपरिक कार्यों को आधुनिक बाजार की जरूरतों से जोड़ते हुए युवाओं को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।


मंडल से लेकर राज्य स्तर तक पहुंचेगा सफर

मंडल स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले युवाओं के लिए प्रदेश स्तर पर भी अवसर मिलेगा। मंडल स्तरीय पुरस्कार के लिए चयनित प्रतिभागी राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकेंगे। शासन स्तर पर चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उत्कृष्ट प्रतिभागियों को लखनऊ में राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस तरह मंडल की प्रतियोगिता युवाओं को प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बनाने का रास्ता भी देगी। प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक युवा 15 सितंबर तक माटीकला से संबंधित आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। विभाग की ओर से युवाओं से निर्धारित अवधि के भीतर आवेदन करने की अपील की गई है।


दीपावली से पहले बढ़ी माटी के उत्पादों की मांग

त्योहारों का मौसम शुरू होने के साथ माटीकला से जुड़े उत्पादों की मांग भी बढ़ रही है। दीपावली नजदीक होने के कारण कुम्हार और प्रजापति समाज के कारीगर दीये समेत विभिन्न सजावटी और उपयोगी उत्पाद तैयार करने में जुटे हैं। मेरठ में मेडिकल कॉलेज के पास माटीकला से जुड़े उत्पादों का बड़ा बाजार भी है। शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कारीगरों को मिल रहे सहयोग के साथ युवा भी पारंपरिक शिल्प में नए प्रयोग कर रहे हैं। ऐसे में पुरस्कार योजना उनके प्रयासों को प्रोत्साहन देने के साथ माटीकला को नई पीढ़ी और नए बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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