Tuesday, September 29, 2026

मनोविज्ञान विभाग में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में बी.ए., एम.ए. तथा पी.जी. डिप्लोमा इन गाइडेंस एंड काउंसलिंग के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विभाग, विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली, नियमों, सुविधाओं तथा विभिन्न अकादमिक गतिविधियों से परिचित कराना था।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. अतवीर सिंह रहे जिन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में केवल अकादमिक उपलब्धियां प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि हमें अपने व्यक्तित्व और जीवन को इस प्रकार आकार देना चाहिए कि हम एक सुखी एवं संतुलित जीवन जी सकें। उन्होंने कहा कि हमें अपने व्यक्तित्व में ‘हाँ’ कहने का विवेक और ‘न’ कहने का साहस विकसित करना सीखना चाहिए। सही परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता हमें अपनी खुशियों और जीवन की सकारात्मकता को बनाए रखने में सहायता करती है। प्रो. अतवीर सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि धार्मिक एवं अन्य पुस्तकों के साथ-साथ हमे भारत के संविधान की पुस्तक भी अवश्य पढ़नी चाहिए। संविधान हमें केवल एक अच्छे नागरिक बनने के नियम ही नहीं बताता, बल्कि जीवन में अपनाए जाने वाले मूल्यों, नैतिकता, कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों की भी समझ प्रदान करता है।


मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. संजय कुमार ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि मनोविज्ञान विभाग का विजन और मिशन ऐसे प्रशिक्षित एवं कुशल मानसिक स्वास्थ्य वर्कफोर्स का निर्माण करना है, जो केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहे, बल्कि अपने ज्ञान, कौशल एवं मानवीय संवेदनशीलता के माध्यम से समाज तथा अपने भविष्य को सकारात्मक दिशा देने में सक्षम हो। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शैक्षणिक विकास के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल, संवेदनशीलता, अनुशासन और मानवीय मूल्यों के विकास पर भी ध्यान देने का आह्वान किया।



विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अल्पना अग्रवाल ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय एवं विभाग में अनुशासन तथा गरिमा बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले तीन वर्षों में मनोविज्ञान विभाग द्वारा 22 शोध-पत्र प्रकाशित किए गए, दो पुस्तकों का प्रकाशन हुआ, 20 अतिथि व्याख्यान आयोजित किए गए, 35 विद्यार्थियों ने UGC-NET परीक्षा उत्तीर्ण की तथा 4 फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) आयोजित किए गए।


सहआचार्य डॉ. अंशु अग्रवाल ने विद्यार्थियों को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति से संबंधित नियमों, पाठ्यक्रम, क्रेडिट व्यवस्था तथा परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं परीक्षा व्यवस्था को समझने तथा निर्धारित नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। शिक्षक, श्री दरवेश ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय परिसर में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं एवं संसाधनों से अवगत कराया तथा उनके उपयोग की प्रक्रिया की जानकारी दी। वहीं डॉ. अनुपमा शर्मा ने विभाग की आंतरिक सुविधाओं से विद्यार्थियों को अवगत कराया। डॉ चित्रा गुप्ता ने मनोविज्ञान विभाग की विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों, अकादमिक अवसरों एवं विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध विभागीय गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।


कार्यक्रम का संचालन डॉ. लवलीन तिवारी ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के विभिन्न जानकारियों का समन्वय करते हुए विद्यार्थियों को वक्ताओं से प्राप्त महत्वपूर्ण संदेशों को अपने शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अंशु अग्रवाल ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने विभाग एवं विश्वविद्यालय से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका वक्ताओं एवं विभागीय शिक्षकों द्वारा समाधान किया गया। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ओरिएंटेशन कार्यक्रम से उन्हें विभाग की शैक्षणिक व्यवस्था, विश्वविद्यालय के नियमों तथा उपलब्ध अवसरों को समझने में महत्वपूर्ण सहायता मिली। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों के उज्ज्वल, सार्थक एवं सुखी भविष्य की शुभकामनाओं के साथ हुआ।

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