Thursday, September 3, 2026

हुनर के हाथों से गुरुजनों को सम्मान: ललित कला संस्थान में मनाया गया शिक्षक दिवस

 

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। शिक्षक दिवस के अवसर पर ललित कला संस्थान, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय द्वारा महान शिक्षाविद् एवं भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति तथा द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को समर्पित भावपूर्ण एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


कार्यक्रम का शुभारंभ प्रोफेसर अलका तिवारी, उपनिदेशक, ललित कला संस्थान द्वारा डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. राधाकृष्णन के जीवन, उनके शैक्षिक दर्शन तथा राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को उनके प्रेरक विचारों से अवगत कराया। प्रोफेसर अलका तिवारी ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह विद्यार्थी के व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य को दिशा देने वाला सच्चा मार्गदर्शक होता है। गुरु का सम्मान हमारी समृद्ध भारतीय परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, सृजनात्मक सोच विकसित करने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।


शिक्षक दिवस के अवसर पर संस्थान के विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें पुष्प, गुलाब के फूल तथा स्वयं अपने हाथों से बनाए गए सुंदर शुभकामना-पत्र एवं शिक्षक दिवस संदेश भेंट किए। विद्यार्थियों की इस सृजनात्मक पहल ने गुरु-शिष्य परंपरा की आत्मीयता और सम्मान को विशेष रूप से अभिव्यक्त किया। संस्थान के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के अन्य सम्मानित शिक्षकों एवं अधिकारियों को भी अपने हस्तनिर्मित शिक्षक दिवस शुभकामना संदेश भेंट किए। विद्यार्थियों ने माननीय कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय; प्रोफेसर वीरपाल सिंह, प्रॉक्टर; प्रोफेसर भूपेंद्र राणा, डीएसडब्ल्यू; प्रोफेसर अतवीर सिंह, संकाय अध्यक्ष, कला; तथा प्रोफेसर जे. ए. सिद्दीकी, मुख्य पुस्तकालयाध्यक्ष को शुभकामना संदेश भेंट कर उनका स्नेह एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।


कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं रिद्धिमा, श्रेया, सिद्धांत, यशस्वी, उज्ज्वल, सृष्टि, दीक्षा, दीप्ति, शहरीन, तलबिया, गौरांगी आदि ने शिक्षकों को समर्पित कविताओं का भावपूर्ण पाठ किया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षकों के प्रति धन्यवाद, सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं, जिनसे कार्यक्रम में उत्साह, उमंग और आत्मीयता का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम में डॉ. पूर्णिमा वशिष्ठ, डॉ. रीता सिंह एवं डॉ. शालिनी धामा सहित संस्थान के शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।कार्यक्रम का समापन इस भाव के साथ हुआ कि गुरु का ज्ञान विद्यार्थी के जीवन को प्रकाशित करता है और एक श्रेष्ठ शिक्षक अपने विद्यार्थियों के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करता है।

No comments:

Post a Comment