Friday, September 4, 2026

श्री शिव बूढ़ा मंदिर में चोला चढ़ाने के नाम पर वसूली के आरोप

 


-विरोध में उतरे लोग, धार्मिक झंडा की कीमत 5 से 11 हजार रुपये तक

नित्य संदेश ब्यूरो

फलावदा। कस्बे के श्री शिव बूढ़ा मंदिर में भगवान हनुमान के चोला श्रृंगार के नाम पर कथित रूप से अधिक राशि वसूले जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कुछ लोगों ने चोला चढ़ाने के नाम पर 15 से 25 हजार रुपये तक लिए जाने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर लोगों में रोष है।


नगर में स्थित हनुमान जी के चोला श्रृंगार और पूजा-अर्चना के धार्मिक आयोजन में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। आसपास के गांवों और अन्य क्षेत्रों से भी श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर बजरंगबली के दर्शन करते हैं। चोला श्रृंगार के दौरान मंदिर परिसर जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयकारों से गूंजता है। श्री शिव बूढ़ा मंदिर के संरक्षक ज्ञानेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि उन्होंने समाचार पत्र में प्रकाशित खबर पढ़ी है, जो उनके अनुसार पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि मंदिर में हनुमान जी को चोला चढ़ाने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है और यह कोई नई परंपरा नहीं है। उनके मुताबिक, कई दशकों तक लखीनाथ पुजारी भी हनुमान जी का चोला चढ़ाते रहे है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में कस्बे का एक व्यक्ति लोगों को भ्रमित कर रहा है। उन्होंने चोला श्रृंगार से संबंधित एआई जनरेटेड सामग्री को भी गलत और भ्रामक बताया। शुक्रवार को मंदिर प्रांगण में मंदिर संरक्षक ज्ञानेंद्र विश्वकर्मा के नेतृत्व में लोगों ने हनुमान जी के चोला चढ़ाने के नाम पर कथित अवैध वसूली और ठगी के आरोपों का विरोध किया। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की।


20 से 25 हजार रुपये लेने का आरोप

पारस गर्ग ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति लोगों को भ्रमित कर हनुमान जी के चोले के नाम पर सामान्य खर्च से कहीं अधिक रकम वसूल रहा है। जहां चोले पर करीब चार-पांच सौ रुपये खर्च होते हैं, वहीं श्रद्धालुओं से 20 से 25 हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर पूजा-अर्चना के लिए होते हैं, इसलिए वहां राजनीतिक भाषण और राजनीतिक नारेबाजी नहीं होनी चाहिए।


सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भी विवाद

इसी मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई, जिसमें सभासद पति मोहित तोमर ने भी कस्बे के एक व्यक्ति पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पोस्ट में तांत्रिक विद्या, महिलाओं के शोषण तथा अन्य गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। मोहित तोमर ने मामले की जांच की मांग करते हुए बागेश्वर धाम से जुड़े पंडित धीरेंद्र शास्त्री से भी ऐसे लोगों से सावधान रहने की अपील की। आरोप लगाया कि धार्मिक झंडा मात्र 10 या 20 रुपये में मिलता है। धार्मिक झंडा लगाने के नाम पर 5 से 11 हजार रुपये तक वसूली की जा रही है।

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