नित्य संदेश ब्यूरो
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर में आयोजित दो दिवसीय ‘एआई मंथन-2.0’ में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने विश्वविद्यालय की प्रगति एवं भविष्य की कार्ययोजना पर आधारित ‘University Progress & Future Roadmap’ प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने की। एआई मंथन-2.0 में प्रदेश के विश्वविद्यालयों सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद, विशेषज्ञ और अधिकारी शामिल हुए तथा उच्च शिक्षा, शोध, प्रशासन, परीक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में एआई के प्रभावी एवं जिम्मेदार उपयोग पर मंथन किया गया।
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा एवं परिणाम प्रणाली को अधिक पारदर्शी, दक्ष और डेटा आधारित बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय में मूल्यांकन प्रक्रिया में एआई के आंशिक उपयोग से प्राप्त अनुभव भी साझा किए। इससे मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ समय एवं मानव संसाधन की बचत तथा पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिली है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल तकनीक अपनाना नहीं, बल्कि ‘Responsible AI’ के माध्यम से विद्यार्थी-केंद्रित, पारदर्शी और भविष्य के अनुरूप विश्वविद्यालयी व्यवस्था विकसित करना है। प्रवेश, परीक्षा, मूल्यांकन, परिणाम, प्रशासनिक कार्यों और अकादमिक निर्णयों में एआई के संभावित उपयोग को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का रोडमैप भी प्रस्तुत किया गया।
प्रो. संगीता शुक्ला के प्रस्तुतीकरण में विश्वविद्यालय द्वारा एआई के व्यावहारिक उपयोग और विशेषकर परीक्षा एवं मूल्यांकन व्यवस्था में किए जा रहे प्रयासों को कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सराहा। एआई मंथन-2.0 का उद्देश्य भी विश्वविद्यालयों में एआई को केवल तकनीकी विषय के रूप में नहीं, बल्कि शिक्षा, शोध, प्रशासन और निर्णय प्रक्रिया में सुरक्षित एवं प्रभावी रूप से अपनाने के लिए व्यावहारिक दिशा तय करना है।
कुलाधिपति ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावी उपयोग के लिए नीति निर्माण तथा उसके क्रियान्वयन से संबंधित समितियां गठित करने की पहल की है। क्रियान्वयन से संबंधित समिति में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला को भी शामिल किया गया है। इससे प्रदेश के विश्वविद्यालयों में एआई आधारित व्यवस्थाओं को व्यावहारिक रूप से लागू करने और उनके अनुभवों को साझा करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।
कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से गांधी जयंती 2 अक्टूबर तक सेवा, जनजागरूकता एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय भी इस अवधि में विभिन्न सेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से सक्रिय सहभागिता करेगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को समाजसेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना होगा।
उल्लेखनीय है कि एआई मंथन-2.0 का आयोजन 12-13 सितंबर को सीएसजेएमयू, कानपुर में हुआ, जिसमें शिक्षा में एआई, स्मार्ट यूनिवर्सिटी गवर्नेंस, एआई आधारित मूल्यांकन, शोध एवं नवाचार, भविष्य के अनुरूप पाठ्यक्रम तथा जिम्मेदार एवं सुरक्षित एआई जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया।
No comments:
Post a Comment