Saturday, September 12, 2026

शोभित विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2026 में दिखाई समाधान-केंद्रित नवाचार क्षमता

25 टीमों ने राष्ट्रीय महत्व की वास्तविक समस्याओं पर प्रस्तुत किए तकनीक आधारित समाधान, 11 टीमों का चयन


डा. अभिषेक डबास

नित्य संदेश, मेरठ। शोभित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी), मेरठ के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2026 के अंतर्गत एक दिवसीय आंतरिक हैकथॉन का सफल आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य शोभित विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं सामाजिक महत्व की वास्तविक समस्याओं को समझने तथा उनके लिए तकनीक आधारित व्यावहारिक समाधान विकसित करने का अवसर प्रदान करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वी.के. त्यागी एवं प्रो-वीसी प्रो. जयनाद एवं विभाग के निदेशक प्रोफेसर डॉक्टर संदीप कुमार द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। 


राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान में शोभित विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की पहल

में विद्यार्थियों ने भारत सरकार द्वारा स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2026 के लिए आधिकारिक रूप से निर्धारित समस्या विवरणों पर कार्य किया। इनमें विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, विभिन्न राज्यों के सरकारी विभागों तथा उद्योगों द्वारा चिन्हित वास्तविक चुनौतियाँ शामिल थीं। शोभित विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने इन समस्याओं का अध्ययन कर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सॉफ्टवेयर एवं आधुनिक तकनीकों के माध्यम से संभावित समाधान, नमूने एवं कार्यशील प्रारूप प्रस्तुत किए। विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र में रोग पहचान एवं निदान से जुड़ी चुनौतियों पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधान विकसित करने का प्रयास विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता एवं सामाजिक सरोकार को दर्शाता है।


25 टीमों ने प्रस्तुत किए समाधान, 11 टीमों का चयन

विश्वविद्यालय के विभिन्न स्कूलों से बी.टेक., बीसीए एवं एमसीए की 25 टीमों ने प्रतिभाग किया। प्रथम वर्ष से अंतिम वर्ष तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपनी समस्याओं की समझ, समाधान की उपयोगिता और तैयार प्रारूप निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुत किए। विशेष रूप से प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी उल्लेखनीय रही। टीमों का मूल्यांकन समस्या की समझ, समाधान की व्यवहारिकता, तकनीकी क्षमता, नवाचार, प्रस्तुतीकरण एवं टीम भावना के आधार पर किया गया। मूल्यांकन में प्रो. डॉ. ममता बंसल, प्रो. डॉ. निधि त्यागी, डॉ. राखी भारद्वाज, अभिनव पाठक, हिमानी चौधरी, नईम सैफी एवं विशाल यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विजय कुमार शर्मा, सहायक प्राध्यापक, MIET, मेरठ ने बाह्य मूल्यांकनकर्ता एवं पर्यवेक्षक के रूप में योगदान दिया। मूल्यांकन के आधार पर 11 टीमों का चयन किया गया। शीर्ष पाँच टीमों में डार्क कम्पाइलर बाइट क्रू नेत्र सेतु, स्किल स्फीयर एवं डिकोडर्स रहीं। चयनित टीमों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।


चयनित परियोजनाओं को मिलेगा तकनीकी मार्गदर्शन

निर्णायक मंडल एवं बाह्य मूल्यांकनकर्ता के सुझावों के आधार पर चयनित परियोजनाओं को आगामी चरण के लिए अधिक प्रभावी एवं प्रतिस्पर्धी बनाने हेतु विशेष परियोजना सुधार दल का गठन किया गया है। यह दल विद्यार्थियों के साथ मिलकर उनकी परियोजनाओं में आवश्यक सुधार, तकनीकी उन्नयन एवं व्यावहारिक उपयोगिता बढ़ाने पर कार्य करेगा। यह आयोजन इस बात का प्रमाण रहा कि शोभित विश्वविद्यालय के विद्यार्थी केवल तकनीक सीखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रीय महत्व की वास्तविक समस्याओं को समझकर उनके समाधान विकसित करने की क्षमता भी रखते हैं। स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2026 के माध्यम से विद्यार्थियों को समस्या से समाधान और समाधान से नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर मिला। कार्यक्रम के सफल आयोजन में फैकल्टी एवं स्टूडेंट कोऑर्डिनेटर्स सहित विभाग के समस्त शिक्षकगण एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा

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