Wednesday, September 30, 2026

हर्रा नगर पंचायत के 10वें स्थापना दिवस पर ऑल इंडिया मुशायरा व कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन

मोहम्मद अली चौहान
नित्य संदेश, सरूरपुर। नगर पंचायत हर्रा के 10वें स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार रात ऑल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम में देशभर से आए शायरों और कवियों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से माहौल को खुशनुमा बना दिया। देर रात तक चली इस महफ़िल में देशभक्ति, मोहब्बत, इंसानियत और भाईचारे के रंग देखने को मिले, जिसे श्रोताओं ने तालियों की गूंज के साथ सराहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पंचायत हर्रा के चेयरमैन कुँवर मौहम्मद अली ने की, जबकि मशहूर शायर रियाज़ सागर ने अपनी शानदार निज़ामत से महफ़िल को मुकम्मल अंदाज़ दिया। आयोजन नगर पंचायत परिसर में हुआ, जहां बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी, गणमान्य लोग और साहित्य प्रेमी मौजूद रहे। मुशायरे में देश के विभिन्न हिस्सों से आए शायरों ने एक से बढ़कर एक ग़ज़लें और नज़्में पेश कीं। 

जौहर कानपुरी ने अपने अंदाज़ में कहा—
“दिल दुखाकर, आजमाकर या रुलाकर छोड़ना,
हमने सीखा ही नहीं अपना बनाकर छोड़ना,
ताकि दुनिया ये न समझे हम में दूरी हो गई,
साथ जब भी छोड़ना तो मुस्कुराकर छोड़ना।”

शबीना अदीब ने अपने शेर से खूब दाद बटोरी—
“जो खानदानी रईस है वह मिजाज रखते हैं नरम अपना,
तुम्हारे लहजा बता रहा है तुम्हारी दौलत नई-नई है।”

अल्ताफ जिया ने कहा—
“या तो यह जगह वो है जो बाजार नहीं है,
या मेरा यहां कोई खरीदार नहीं है।”

खुर्शीद हैदर ने अपने दर्द भरे अशआर से माहौल को भावुक कर दिया—
“ये दर्द-ए-जिगर तो मेरे अपनों ने दिया है,
ये दर्द छुपाने में जरा देर लगेगी।”

वसीम रजापुरी ने कहा—
“तंग जहनों का यहां जिक्र नहीं है कोई,
बाप जिंदा हो तो फिक्र नहीं है कोई।”

चांदनी सबनम ने अपने नज़्मिया अंदाज़ में कहा—
“तू बात मेरी अब मान भी जा कहती हूं तुम्हें मैं प्यार से,
बचकर तू रहना दीवाने मेरी पायल की झंकार से।”

कार्यक्रम में चेयरमैन कुँवर मौहम्मद अली ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन समाज में भाईचारा और आपसी सौहार्द को मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी शायरों, कवियों और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। 

इस अवसर सभासदगण शुभम सोम, शगुफ्ता, नबीशेर, मौहम्मद ताहिर, मो. भुट्टू, मो. इरशाद, तराना, शबाना, मौ. कामिल, मौहम्मद चौहान, हाजी सुल्तान, मो. रिहान, हसीना, मौ. नफीस, समीना ठाकुर, पवन चौहान, प्रदीप चौहान और राधेश्याम वाल्मीकि सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मुशायरा-कवि सम्मेलन कमेटी में जीशान कुरैशी, तमसीर चौहान, फुरकान ठेकेदार, हामिद ठेकेदार, हाजी माजिद चौहान, हाजी बल्लू पहलवान, हाफिज निसार अहमद, मौ. अली चौहान (ब्रांड एम्बेसडर), इमरान चौहान (ब्रांड एम्बेसडर), ठाकुर रणवीर सिंह, लुकमान चौहान और असजद फानी की अहम भूमिका रही।

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