Sunday, August 23, 2026

सिविल लाइन इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ हुए निलंबित

 


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही, उदासीनता तथा स्वेच्छाचारिता बरतने के फलस्वरूप निरीक्षक अखिलेश गौड़ को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।


गौरतलब है कि किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय पर मारपीट और सिविल लाइन थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ पर यातनाएं देने के आरोप लगाए थे। भारतीय किसान यूनियन बीआर आंबेडकर के अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी का आरोप है कि बुधवार को एसएसपी कार्यालय में विवाद के बाद उन्हें एसओजी के हवाले कर दिया गया, जहां इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ ने यातनाएं दीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीजी भानु भास्कर ने जांच डीआईजी सहारनपुर रेंज अभिषेक सिंह को सौंपी थी। डीआईजी अभिषेक सिंह ने मेरठ पहुंचकर एसएसपी ऑफिस और सर्किट हाउस में शिकायतकर्ताओं से पूछताछ कर जांच शुरू कर दी थी। जांच के बीच रविवार को एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लाइन हाजिर इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ को निलंबित कर दिया।


कार्रवाई का व्यापारी अध्यक्ष ने किया स्वागत

मेरठ व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा ने कहा कि इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ को निलंबित करना निश्चित रूप से एक कदम है, लेकिन यह कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। हमारी स्पष्ट मांग है कि जिन पुलिसकर्मियों ने कानून को अपने हाथ में लेकर मारपीट और बर्बरता की, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच के बाद तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए।

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